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'लड़की की रजामंदी से नहीं होता गैंगरेप'

Wed, 24 Jul 2013 12:03 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 24 Jul 2013 12:03 PM IST
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supreme court says consent of girl not possible in case of gang rape

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि गैंगरेप के मामले में किसी लड़की की सहमति संभव नहीं है। इसलिए कोई भी आरोपी गैंगरेप के मामले में लड़की की रजामंदी का दावा कर सजा से बच नहीं सकता।

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कोर्ट ने कहा कि इस मामले में लड़की की सहमति वाला पक्ष नहीं हो सकता और यह माना जाएगा कि पीड़िता ने इसके लिए कोई रजामंदी नहीं दी थी।

न्यायमूर्ति बी एस चौहान और एस ए बोबडे की खंडपीठ ने मंगलवार को एक गैंगरेप आरोपी वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने कहा था कि घटना के दौरान लड़की की सहमति थी। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को कायम रखा, जिसमें आरोपियों को 10 साल की सजा दी गई थी।
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मामला जून, 1999 में झारखंड का है। जहां दो लड़कों ने एक लड़की को जबरदस्ती एक स्कूल में ले जाकर उससे रेप किया। तभी कुछ और लड़के वहां आ गए और सभी ने लड़की से रेप किया।
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कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने इस मामले में तथ्यों पर ठीक से विचार किया। और अदालत ने भारतीय साक्ष्य कानून को ध्यान में रखकर माना कि घटना के वक्त लड़की की सहमति नहीं थी।


कोर्ट ने कहा कि एक समय में कोई भी महिला इतने लोगों को सहमति नहीं दे सकती है, इसलिए यह माना जाएगा कि पीड़िता ने सहमति नहीं दी थी। इसलिए गैंगरेप के मामले में लड़की की सहमति संभव नहीं है।

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