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अनोखा प्यार: ब्वायफ्रेंड के लिए सेक्स चेंज कराकर लड़की बनने अस्पताल पहुंचे दो लड़के
अमर उजाला ब्यूरो/ मुरादाबाद
Updated Tue, 18 Oct 2016 06:54 AM IST
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अपने प्रेमियों की खातिर रायपुर (छत्तीसगढ़) के दो लड़के अपना सेक्स चेंज कराकर लड़की बनने के लिए मुरादाबाद शहर के एक अस्पताल में भर्ती हुए हैं। दोनों अपने-अपने ब्वायफ्रेंड के साथ बतौर फीमेल पार्टनर फिलहाल लिव इन रिलेशनशिप में हैं। हालांकि हाल ही में इनमें से एक का ब्रेकअप हो चुका है। अब इस लड़के को उम्मीद है कि सेक्स चेंज कराने के बाद ब्वायफ्रेंड लौट आएगा। जबकि सात साल से ब्वायफ्रेंड के साथ रह रहा दूसरा लड़का अब अपने लिव इन पार्टनर के साथ शादी करने के लिए सेक्स चेंज कराने यहां पहुंचा। डाक्टर इनमें से एक (कंचन) का ऑपरेशन मंगलवार को करेंगे जबकि दूसरे लड़के का ऑपरेशन के इसके बाद किया जाएगा।
ऑपरेशन के बाद पति के साथ घर बसाना है: रंजीता
छत्तीसगढ़ में ही रायपुर शक्ति नगर निवासी जितेंद्र पुत्र गोविंद पांडे अब रंजीता (26) बन चुके हैं। पिता की मौत हो चुकी है, घर में एक भाई और एक बहन के अलावा मां है। रंजीता का कहना है कि उन्होंने कभी महसूस नहीं किया कि वह लड़का हैं। शुरू से ही किचन का काम और लड़कियों की तरह रहना पसंद है। शरीर के लक्षण भी कुछ ऐसे ही रहे।
रंजीता का कहना है कि शुरू में तो उन्होंने घर वालों की डांट डपट की वजह से लड़कों की तरह रहने की भरसक कोशिशें कीं। लेकिन जब उनसे नहीं रहा गया तो दस साल पहले अपने ऑरिजनल गेटअप में आ गईं। रंजीता का कहना है कि उनके घर वाले इस गेटअप को बर्दाश्त नहीं कर सके और उन्हें घर से निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने किराए पर रहना शुरू कर दिया। इसके बाद रायपुर में नौकरी कर रहे महाराष्ट्र के साफ्टवेयर इंजीनियर राज वर्मा ने रंजीता का अफेयर शुरू हुआ और उन्होंने उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना शुरू कर दिया।
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रंजीता का कहना है कि ब्वायफ्रेंड ने चार साल साथ रखकर धोखा दे दिया। वो शक करता था और बात - बात पर पीटता था। इसलिए पिछले दिनों ब्रेकअप हो गया। रंजीता का कहना है कि अब ब्वायफ्रेंड नहीं, लाइफ पार्टनर चाहिए जो जिंदगी भर साथ निभा सके। इसीलिए सेक्स चेंज कराकर लड़की बनना है। रंजीता का कहना है कि जब सबको पता चलेगा कि वह पूरी तरह लड़की बन चुकी हैं तो कोई न कोई लड़का पति के रूप में जरूर मिल जाएगा, फिर उसी के साथ गृहस्थी बसानी है।
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ऑपरेशन के बाद पति के साथ घर बसाना है: रंजीता
छत्तीसगढ़ में ही रायपुर शक्ति नगर निवासी जितेंद्र पुत्र गोविंद पांडे अब रंजीता (26) बन चुके हैं। पिता की मौत हो चुकी है, घर में एक भाई और एक बहन के अलावा मां है। रंजीता का कहना है कि उन्होंने कभी महसूस नहीं किया कि वह लड़का हैं। शुरू से ही किचन का काम और लड़कियों की तरह रहना पसंद है। शरीर के लक्षण भी कुछ ऐसे ही रहे।
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रंजीता का कहना है कि शुरू में तो उन्होंने घर वालों की डांट डपट की वजह से लड़कों की तरह रहने की भरसक कोशिशें कीं। लेकिन जब उनसे नहीं रहा गया तो दस साल पहले अपने ऑरिजनल गेटअप में आ गईं। रंजीता का कहना है कि उनके घर वाले इस गेटअप को बर्दाश्त नहीं कर सके और उन्हें घर से निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने किराए पर रहना शुरू कर दिया। इसके बाद रायपुर में नौकरी कर रहे महाराष्ट्र के साफ्टवेयर इंजीनियर राज वर्मा ने रंजीता का अफेयर शुरू हुआ और उन्होंने उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना शुरू कर दिया।
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रंजीता का कहना है कि ब्वायफ्रेंड ने चार साल साथ रखकर धोखा दे दिया। वो शक करता था और बात - बात पर पीटता था। इसलिए पिछले दिनों ब्रेकअप हो गया। रंजीता का कहना है कि अब ब्वायफ्रेंड नहीं, लाइफ पार्टनर चाहिए जो जिंदगी भर साथ निभा सके। इसीलिए सेक्स चेंज कराकर लड़की बनना है। रंजीता का कहना है कि जब सबको पता चलेगा कि वह पूरी तरह लड़की बन चुकी हैं तो कोई न कोई लड़का पति के रूप में जरूर मिल जाएगा, फिर उसी के साथ गृहस्थी बसानी है।
बचपन से लड़कियों की तरह रहना पसंद: कंचन
सोशल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट रायपुर निवासी कमलेश उर्फ कंचन (24) पुत्र सेंद्रे का कहना है कि उन्हें बचपन से ही लड़कियों की तरह रहना पसंद है। शुरू में तो घर वालों ने इस ओर अधिक ध्यान नहीं दिया, लेकिन जैसे - जैसे उम्र बढ़ी उन्हें कमलेश की हरकतें अखरने लगीं। कंचन के दो भाई और दो बहनें हैं, वह सबसे छोटे हैं। दस साल की उम्र होते - होते जब उनके हाव भाव एकदम लड़कियों जैसे दिखने लगे तो परिजनों को बेटे की चिंता हुई और उन्होंने कमलेश को लड़कों की तरह रहने की नसीहतें दीं।
कमलेश उर्फ कंचन का कहना है कि उनका जन्म जरूर लड़के के रूप में हुआ लेकिन उन्होंने खुद को कभी लड़का महसूस नहीं किया। 12 वर्ष की उम्र में कमलेश ने घर छोड़ा और किन्नरों का साथ पकड़कर अपना नाम कंचन रख लिया। यहीं रहकर पढ़ाई - लिखाई की। कंचन का कहना है कि उन्हें किन्नरों का साथ नहीं भाया और छह साल पहले रायपुर में एनजीओ खोलकर किराए पर रहने लगे। यहां एक कंप्यूटर इंजीनियर शम्मी गुप्ता (26) से अफेयर शुरू हुआ और इसी के साथ ब्याह रचाने के लिए कमलेश अब सेक्स चेंज कराकर पूरी तरह कंचन बनने चले हैं।
कंचन का कहना है कि सोच तो पहले से ही लड़कियों की है लेकिन ऑपरेशन होने के बाद जब उनका शरीर भी पूरी तरह लड़कियों जैसा हो जाएगा तो वह अपने लिव इन पार्टनर के साथ कोर्ट मैरिज कर लेंगी।
कमलेश उर्फ कंचन का कहना है कि उनका जन्म जरूर लड़के के रूप में हुआ लेकिन उन्होंने खुद को कभी लड़का महसूस नहीं किया। 12 वर्ष की उम्र में कमलेश ने घर छोड़ा और किन्नरों का साथ पकड़कर अपना नाम कंचन रख लिया। यहीं रहकर पढ़ाई - लिखाई की। कंचन का कहना है कि उन्हें किन्नरों का साथ नहीं भाया और छह साल पहले रायपुर में एनजीओ खोलकर किराए पर रहने लगे। यहां एक कंप्यूटर इंजीनियर शम्मी गुप्ता (26) से अफेयर शुरू हुआ और इसी के साथ ब्याह रचाने के लिए कमलेश अब सेक्स चेंज कराकर पूरी तरह कंचन बनने चले हैं।
कंचन का कहना है कि सोच तो पहले से ही लड़कियों की है लेकिन ऑपरेशन होने के बाद जब उनका शरीर भी पूरी तरह लड़कियों जैसा हो जाएगा तो वह अपने लिव इन पार्टनर के साथ कोर्ट मैरिज कर लेंगी।
राखी भी बांधते हैं दोनों लड़के
कमलेश उर्फ कंचन और जितेंद्र उर्फ रंजीता एकदम लड़कियों की तरह व्यवहार करते हैं। दोनों ने एक मुंह बोला भाई भी बना रखा है। रंजीता का कहना है कि उनके मकान मालिक का बेटा बबलू पुत्र गजऊ निवासी संतोषी नगर रायपुर उनका मुंह बोला भाई है। कंचन और रंजीता दोनों ही उसे राखी बांधती हैं।
रायपुर में एनजीओ चलाते हैं दोनों
मुरादाबाद। कंचन और रंजीता का कहना है कि वह दोनों रायपुर में ‘संघर्ष समिति’ के नाम से एक एनजीओ चलाती हैं। यह एनजीओ ट्रांसजेंडर, किन्नरों और समलैंगिकों के हितों की लड़ाई लड़ता है। दोनों का कहना है कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिकों का मामला पहुंचने के बाद उन्हें बहुत राहत मिली। इसके बाद ही दोनों ने सोचा कि अब वह भी सेक्स चेंज कराएंगे। कंचन- रंजीता पिछले पांच सालों से साथ हैं। रंजीता ने कहा कि वह पहले कंचन की रूम पार्टनर थीं लेकिन जब कंचन का लिव इन पार्टनर आ गया तो अलग रहना शुरू कर दिया।
रायपुर में एनजीओ चलाते हैं दोनों
मुरादाबाद। कंचन और रंजीता का कहना है कि वह दोनों रायपुर में ‘संघर्ष समिति’ के नाम से एक एनजीओ चलाती हैं। यह एनजीओ ट्रांसजेंडर, किन्नरों और समलैंगिकों के हितों की लड़ाई लड़ता है। दोनों का कहना है कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिकों का मामला पहुंचने के बाद उन्हें बहुत राहत मिली। इसके बाद ही दोनों ने सोचा कि अब वह भी सेक्स चेंज कराएंगे। कंचन- रंजीता पिछले पांच सालों से साथ हैं। रंजीता ने कहा कि वह पहले कंचन की रूम पार्टनर थीं लेकिन जब कंचन का लिव इन पार्टनर आ गया तो अलग रहना शुरू कर दिया।