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सोनिया, सुषमा, मायावती, सबने बोला झूठ
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 03 Dec 2013 01:37 PM IST
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सोनिया गांधी से लेकर सुषमा स्वराज, मायावती और भी कई नामचीन नेता चुनाव आयोग झूठी जानकारियां दे रहे हैं।
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अपने चुनावी नामांकन में कई सारे नेताओं ने अपनी संपति का ब्यौरा उनके असल वर्तमान मूल्य से बहुत ही कम बताया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मार्च, 2003 में अपने एक आदेश में कहा था कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को अपनी संपति का पूरा ब्यौरा देना होगा, जिसमें उन्हें संपत्ति की वास्तविक कीमत के साथ वर्तमान कीमत भी बताना होगा।
इस आदेश के बाद भी कांग्रसे से लेकर बीजेपी और बीएसपी से लेकर सीपीएम तक के नेता अपनी संपति की गलत जानकारी दे रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कई नेताओं ने अपनी संपति की अधूरी तो कई ने वर्तमान बाजार के हिसाब से कम जानकारी दी है।
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कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं
सोनिया गांधी: 2004 और 2009 के चुनावों के दाखिल की संपति के ब्यौरे में सोनिया ने महरौली स्थित डेरा मंडी और सुलतानपुर गांव में अपनी जमीन की कीमत 2.19 लाख रुपये बताई है। उसी स्थान पर बीएसपी के उम्मीदवार कंवर सिंह तंवर ने 2008 के विधानसभा चुनाव में लगभग उतनी ही जमीन की कीमत 18.37 करोड़ रुपये बताई है।
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सुषमा स्वराजः लोकसभा में विपक्षी की नेता सुषमा स्वराज और उनके पति स्वराज कौशल ने दिल्ली के जंतर-मंतर में एक-एक फ्लैट खरीदा लेकिन उसकी बुकिंग कीमत तो बताई लेकिन वास्तविक कीमत वह छुपा गईं। साथ ही मुंबई के घर का उन्होंने क्षेत्रफल नहीं बताया।
मायावतीः दिल्ली के कनॉट प्लेस में दो दुकानों की मालकिन मायवती ने अपनी दोनों दुकानों की कीमत वर्तमान बाजार मूल्य से कम बताई है। साथ ही चाणक्यपुरी स्थित अपने घर की कीमत उन्होंने 61.86 करोड़ बताई जबकि जानकार इसे 429 करोड़ तक की बता रहे हैं।
राजनाथ सिंहः 2009 में दी गई जानकारी के अनुसार लखनऊ के गोमती नगर में अपने घर की कीमत उन्होंने 55 लाख बताई, लेकिन उन्होंने उस घर का एरिया नहीं बताया। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और चुनाव आयोग के गाइडलाइन के अनुसार एरिया बताना जरूरी है।
इसी तरीके से कांग्रेस की मीरा कुमार, शीला दीक्षित, अशोक गहलोत, सुशील कुमार शिंदे तो सीपीआई के सुधाकर रेड्डी, एनसीपी के तारिक अनवर, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्र ने भी चुनाव आयोग या तो कुछ छुपा लिया है या फिर गलत जानकारी दी है।
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