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तो ब्लैकमनी रखने वालों को होगा फायदा!
ब्यूरो/अमर उजाला,दिल्ली
Updated Fri, 24 Jan 2014 12:57 PM IST
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आरबीआई के पुराने नोट वापस लेने से के फैसले से ब्लैकमनी रखने वालों को फायदा होगा या फिर नुकसान।
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वर्ष 2005 के पहले के सभी करेंसी नोट वापस लेने के निर्णय को भाजपा ने विदेशी बैंकों में काला धन रखने वालों को बचाने वाला निर्णय करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार विदेशी बैंकों में भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद के बराबर जमा रकम को वापस लाने के बदले अब काला धन जमा करने वालों को बचाने में जुट गई है।
पार्टी ने इस फैसले से बैंक सुविधाओं से वंचित दूर दराज के लोगों की मेहनत की कमाई डूबने की आशंका भी व्यक्त की है।
बीते बुधवार को सरकार ने जाली करेंसी नोट पर लगाम लगाने के लिए वर्ष 2005 से पहले के सभी करेंसी नोट वापस लेने का निर्णय किया है। पार्टी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने वर्ष 2005 के पहले के सभी करेंसी नोट को वापस लेने के सरकार के निर्णय की तीखी आलोचना की।
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उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार अपने दस साल के कार्यकाल में विदेशी बैंकों में काला धन रखने वालों को बचाने में लगी रही। अब इस फैसले से काला धन रखने वालों को सरकार ने स्थायी सुरक्षा दे दी है।
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प्रवक्ता ने कहा कि यह वही यूपीए सरकार है, जिसने देशव्यापी मांग के बावजूद विदेशी बैंकों से भारतीय खाताधारकों का नाम हासिल नहीं किया और जो नाम हासिल हुए उसे उजागर नहीं किया। अब जाते जाते इस सरकार ने इस फैसले से काला धन जमा करने वालों को स्थायी सुरक्षा हासिल करा दी है।