'काम करके दिखाओ या फिर चलते बनो'
रेलवे को चलाने के लिए परंपरागत सोच तथा वर्तमान तरीके से न तो सुधारा जा सकता है न ही कुछ नया हासिल कर सकते हैं। कुछ न कर पाने के लिए सफाई या बहाने अब सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। हमारी सरकार का मंत्र है या तो काम करके दिखाओ नहीं तो चलते बनो।
रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने देश भर से आये रेलवे अफसरों की बैठक में यह दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि सभी को मिलकर यह उपाय ढूंढ़ना है कि हम भारतीय रेल को विश्वस्तरीय रेल सेवा बना सकें।
रेलमंत्री ने पहली बार रेल महाप्रबंधकों की बैठक में मंडल रेल प्रबंधकों तथा सभी उपक्रमों के प्रमुखों को भी बुलाया था। बैठक को संबोधित करते हुए गौड़ा ने कहा आज यहां तय करना है कि रेलवे में अब तक जो नहीं हो सका वह हम कैसे करेंगे। इसके लिए समर्पित भाव से लक्ष्यबद्ध टीम के रूप में काम करना होगा। आज हम क्षमता, समयबद्धता, स्वच्छता तथा अन्य सेवाओं के मामले में बहुत पीछे हैं।
दुनिया को देनी है अच्छी रेल सेवाएं
चीन की रेलवे हमसे चार गुना अधिक सक्षम है। आखिर हम दुनिया की सबसे अच्छी रेल सेवाएं क्यों नहीं दे सकते हैं। देश के लोगों की हमसे बहुत अपेक्षायें हैं। क्या रेलवे की हर समस्या के लिए केवल धन की कमी ही जिम्मेदार है या कुछ और भी कारण हैं। सबको मिलकर हल ढूंढ़ना होगा।
मांगा सीधे फीडबैक
रेलमंत्री ने कहा कि आप लोग अपने क्षेत्र में खुद को ही रेलमंत्री व बोर्ड चेयरमैन समझकर काम करें क्योंकि आपके क्षेत्र में होने वाले हर अच्छे व बुरे काम के लिए आप ही जिम्मेदार भी होंगे। उन्होंने रेलवे बोर्ड चेयरमैन से कहा कि महाप्रबंधकों की बजाय वे मंडल स्तर (डीआरएम) के अधिकारियों से संवाद बढ़ायें। उन्होंने हर रेल अफसर से कहा कि वे बिना किसी हिचक के सीधे उन्हें रेल हित में फीडबैक दे सकते हैं। ऐसे करने वाले अफसर के नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।