सारा ने लौटाया पुरस्कार, सच्चिदानंदन ने दिया इस्तीफा
देश में बढ़ रही असहिष्णुता और सरकार की चुप्पी के विरोध में साहित्यकार अपने सुर बुलंद करते जा रहे हैं। मलयाली उपन्यासकार सारा जोसेफ ने अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि हर रोज कोई न कोई चौंकाने वाली खबर आती है। ऐसे समय में एक लेखक चुप नहीं रह सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यह बहुत ही दुःखद है कि लोगों को उनके बुनियादी खाने के चयन संबंधी अधिकार से भी वंचित रखा जा रहा है।
सारा जोसेफ ने कहा कि लेखकों और तर्कवादियों की हो रही हत्याएं चिंता का विषय है और यह डरावना भी है। जोसेफ ने कहा कि पीएम मोदी ने दादरी हत्या के 9 दिन बाद इस भीषण हत्याकाण्ड पर बोला जो कि खेदजनक है।
कवि सच्चिदानंदन ने भी दिया इस्तीफा
वहीं साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव और प्रख्यात कवि लालकृष्ण सच्चिदानंदन ने घोषणा की है कि वे अकादमी की सभी सदस्यता से इस्तीफा देंगे।
उन्होने कहा कि अकादमी साहित्यकारों और लेखकों के साथ खड़े होने में अक्षम रही है। बताते चलें कि इससे पहले नयनतारा सहगल और अशोक वाजपेयी भी अपना पुरस्कार लौटा चुके हैं।
वहीं कल ही प्रसिद्ध लेखिका और उपन्यासकार शशि देशपांडे ने भारतीय साहित्य अकादमी की गर्वनिंग काउंसिल से इस्तीफा दे दिया था।