अखिलेश-आजम पर गुस्से में मौलाना
जमियत उलेमा हिंद के लोग सपा सरकार की नाकामी व नगर विकास मंत्री आजम खान टिप्पणी पर गुस्साई है जिसमें उन्होंने उलेमा के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।
जमियत की मेरठ इकाई की मंगलवार को अपार चेम्बर में सभा हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए प्रदेश महामंत्री मौलाना कारी शौकत ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार मुसलमानों के हकों की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा कि आजम खां उलेमा के प्रति निरंतर अफसोसजनक टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजम ही नहीं पूरी सपा सत्ता में रहने के लायक नहीं है। उसने मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों की हिफाजत की बजाय उन्हें उजाड़ दिया है। मुलायम सिंह उन्हें पीड़ित नहीं मान रहे हैं।
'आजम खान की टिप्पणी निंदनीय'
उन्होंने कहा कि महमूद मदनी इस्लाहे माशरा के प्रोग्राम में विभिन्न राज्य में जाते हैं। वहां की सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान करें।
सभा में हाजी इमरान सिद्दीकी, हाजी दिलशाद शौकत, मौलाना शकील व हाफिज शब्बीर ने कहा कि आजम खान की टिप्पणी निंदनीय है।
क्या कहा था आजम ने?
सपा सरकार के खिलाफ फूटा मौलानाओं का गुस्सा
मुजफ्फरनगर दंगे के बाद लगातार खुद को मुस्लिमों का हिमायती कहने वाली सपा सरकार मौलानाओं के हमले का शिकार हो रही है। पहले मुलायम सिंह यादव और अब आजम खान के बयान पर मौलाना अपनी नाराजगी खुलकर उजागर कर रहे हैं।
मुलायम ने दिया था विवादास्पद बयान
मुलायम ने कहा था कि मुजफ्फरनगर के राहत कैंपों में भाजपा और कांग्रेस के षडयंत्रकारी रह रहे हैं। मुलायम के इस बयान के बाद मौलानाओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के महासचिव मौलाना निजामुद्दीन ने कहा था कि सपा मुखिया ने यदि इस तरह का बयान दिया है तो यह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और मुद्दे को राजनीतिक रंग देने वाला है।
जमीयत उलेमा ए हिंद के महमूद मदनी ने मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों का दौरा करते हुए कहा था कि सपा सरकार दंगा पीड़ितों के जख्मों को और कुरेद रही है।
'सपा सरकार भुगतेगी खामियाजा'
दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी ने सपा और आजम खान पर हमला बोलते हुए कहा था कि पार्टी ने आंखें नहीं खोली तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। बुखारी ने कहा था कि आजम के पास चार वोट नहीं हैं। लेकिन पता नहीं क्यों मुलायम आजम पर भरोसा करते हैं।
अब ये उन्हें तय करना है कि उन्हें मुसलमान चाहिए या आजम? उन्होंने कहा कि मुसलमान कांग्रेस और भाजपा से नाराज हैं। वह सपा को वोट देना चाहता है। पर, मुलायम ने अगर आजम जैसे लोगों पर भरोसा किया तो उन्हें नुकसान होगा। वह आजम को मंत्रिमंडल से हटाएं।
बुखारी ने कहा था कि मुलायम सिंह से अपील है कि वे अपने स्तर से शिविरों की जांच करा लें तो पता चल जाएगा कि वहां दंगा पीड़ित लोग ही हैं, जो सर्दी के कारण बहुत परेशान हैं।
'सरकार की नाकामियां छुपाने के लिए बयानबाजी'
मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों पर मुलायम के बयान से नाराज मौलानाओं का कहना था कि सपा सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा था कि प्रदेश सरकार की विफलता से बौखलाकर मुलायम बयान दे रहे हैं। उनका कहना था कि मुलायम के बयान का असर लोकसभा चुनाव में साफ दिखाई देगा।
मदरसा अल जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सरकार की नाकामियों पर नकाब डालने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं।
'सपा सरकार के काल में हो चुके सैकड़ों दंगे'
तहरीक उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय सचिव मौलाना आफताब कासमी ने कहा था कि सपा सरकार के दो साल के कार्यकाल में सैकड़ों दंगे हो चुके हैं। प्रदेश सरकार सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इससे उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं।
हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग के सलाहकार पद से इस्तीफा दे चुके इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि मौजूदा हालात में समाजवादी पार्टी मुसलमानों का ऐतबार पूरी तरह खो चुकी है।
मुसलमानों की वजह से मिली अखिलेश को कुर्सी
रजा मुस्लिम मिशन के अध्यक्ष मौलाना मन्नान मियां ने कहा था कि कबीना मंत्री आजम खां यूपी में मुसलमानों के साथ हो रही नाइंसाफी के लिए सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के दंगे के बाद शिविरों में रहने वाले मुसलमानों की हालतों को देखते हुए सभी मुस्लिम मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए। सियासी लोगों का पिट्ठू बनकर रहने से अब काम नहीं चलने वाला।
उन्होंने कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव को मुसलमानों की वजह से मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली। यूपी तो वह संभाल नहीं पा रहे हैं, दिल्ली संभालने की बात करके देश भर में अपना मजाक बनवा रहे हैं।