फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   robbers broke into house of delhi police si

दारोगा जी के घर में ही पड़ गई डकैती

Tue, 11 Dec 2012 08:04 AM IST
लोनी/ब्यूरो
लोनी/ब्यूरो Updated Tue, 11 Dec 2012 08:04 AM IST
विज्ञापन
robbers broke into house of delhi police si

लगता है गाजियाबाद के लोनी में खाकी का खौफ खत्म हो गया है। बदमाश लगातार वारदातें करके पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। रविवार देर रात दिल्ली पुलिस के एक दारोगा के घर पांच बदमाशों ने डकैती डाली। ग्रिल उखाड़कर घर में घुसे बदमाशों ने परिवार को कमरे में बंधक बना लिया। इसके बाद तीन लाख की नकदी तथा करीब दो लाख के जेवर लूटकर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद परिजनों ने दारोगा और 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया।

विज्ञापन


मूल रूप से बागपत जिले के टीकरी गांव निवासी नवीन राठी दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में वे दिल्ली के भजनपुरा थाने में तैनात हैं। पांच वर्षों से वह और उनका भाई प्रवीण राठी परिजनों के साथ लोनी में ट्रॉनिका सिटी की अंसल ईस्ट एंड कॉलोनी में रहते हैं। प्रवीण राठी ट्रॉनिका सिटी में ही प्रॉपर्टी डीलर हैं। रविवार शाम दारोगा नवीन राठी नाइट ड्यूटी पर गए। घर में प्रवीण राठी, भाभी अंशू, भतीजा वैभव (15), यशवर्धन (10) और भतीजी गुनगुन (2) मौजूद थे।
विज्ञापन


प्रवीण ने बताया कि रात करीब 2.45 बजे पांच नकाबपोश बदमाश ड्राइंग रूम की ग्रिल उखाड़कर घर में घुस आए। आहट सुनकर उनकी पत्नी बेडरूम का दरवाजा खोलकर ड्राइंग रूम में पहुंची तो बदमाश उसे गन प्वाइंट पर लेकर वापस बेडरूम में ले आए। बदमाशों ने उनके हाथ बांधकर रिवाल्वर और मोबाइल मांगा। प्रवीण ने मोबाइल देते हुए बताया कि रिवाल्वर छोटे भाई के पास ही रहता है। तभी बदमाशों ने दूसरे कमरे में सो रहे वैभव एवं यशवर्धन को भी उसी कमरे में लाकर बंधक बना लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक बदमाश तमंचा तानकर वहीं खड़ा हो गया। बाकी बदमाशों ने अलमारियों की चाबियां लेकर करीब 40 मिनट तक घर की तलाशी ली। तीन लाख की नगदी, करीब पांच तोला सोना एवं बीस तोला चांदी के जेवरात लूटने के बाद बदमाश बेडरूम का कुंडा बाहर से बंद कर भाग गए। उनके भागने के बाद प्रवीण ने किसी तरह अपने हाथ खोले और बाथरूम के रास्ते दूसरे कमरे से बाहर निकलकर बेडरूम का दरवाजा खोला।

उसने कॉलोनी के गार्ड के मोबाइल से अपने मोबाइल पर कॉल की तो दोनों मोबाइल घर के बाहर डस्टबिन में पड़े मिले। उसने छोटे भाई नवीन तथा लोनी पुलिस को घटना की सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका।

चौकी इंचार्ज के व्यवहार पर भड़के लोग
सोमवार शाम चार बजे ट्रॉनिका सिटी के कुछ प्रॉपर्टी डीलर एवं रेजीडेंट्स पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए। वहां मौजूद ट्रॉनिका सिटी चौकी इंचार्ज सीपी सिंह घटना को संदिग्ध बताते हुए पीड़ित परिवार को ही फटकारने लगा। इस पर वहां एकत्रित लोग भड़क गए तथा थाना प्रभारी से दारोगा की शिकायत करते हुए घटना की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।


पुलिस जांच में जुटी
थाना प्रभारी वीरेन्द्र यादव का कहना है कि पीड़ित परिवार से तहरीर लेकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी तथा अविलंब घटना के खुलासे का प्रयास किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed