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रिजिजू ने माना, देश में बढ़ी सांप्रदायिक घटनाएं

Wed, 02 Dec 2015 09:10 AM IST
Updated Wed, 02 Dec 2015 09:10 AM IST
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rise the number of communal incidents in country.

गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्वीकार किया है कि वर्ष 2014 के मुकाबले वर्ष 2015 में देश में सांप्रदायिक घटनाओं में मामूली बढ़ोतरी हुई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2014 में जहां 644 सांप्रदायिक घटनाएं हुई थीं, वहीं इस वर्ष अक्टूबर महीने तक 650 सांप्रदायिक घटनाएं हो चुकी हैं।

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हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2013 के मुकाबले अंतिम दो वर्षों में सांप्रदायिक घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सांप्रदायिक घटनाओं के सवाल पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग हुई।
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विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रभाव वाले राज्यों में सांप्रदायिक तानाबाना तेजी से बिगड़ रहा है। हालांकि सरकार का दावा था कि वर्ष 2015 के अक्टूबर महीने तक 85 फीसदी सांप्रदायिक घटना गैर एनडीए शासित राज्यों में हुए।

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गृह राज्य मंत्री ने लोकसभा में किया स्वीकार

rise the number of communal incidents in country.

प्रश्नकाल में मौखिक सवाल जवाब के दौरान रिजिजू ने वर्ष 2014 के मुकाबले ताजा वर्ष में सांप्रदायिक घटनाओं में मामूली बढ़ोतरी की बात स्वीकार की है। उन्होंने मोदी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के शुरुआती पांच महीने में केंद्र की सत्ता पर यूपीए सरकार काबिज थी।

इस दौरान रिजिजू ने कहा कि अगर वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सांप्रदायिक घटनाओं की समीक्षा की जाएगी तो इसके लिए वर्ष 2013 को आधार मानना होगा। वर्ष 2013 में वर्ष 2014 और वर्तमान वर्ष से ज्यादा सांप्रदायिक घटना हुई थी।

इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन राज्यों में ही सांप्रदायिक घटनाएं बढ़ी हैं जहां भाजपा का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि इस दौरान केरल, तमिलनाडु जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों में सांप्रदायिक घटनाएं ना के बराबर हुई हैं।

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