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'दामादजी' के बचाव में सरकार, नहीं देगी कागजात
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Wed, 12 Jun 2013 08:47 PM IST
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प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का बचाव करता नजर आ रहा है।
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पीएमओ ने कहा कि वाड्रा की जमीन खरीद से जुड़े विवादास्पद सौदों में वह कागजात अदालत में पेश नहीं कर सकता क्योंकि वे ‘गोपनीय’ हैं।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में इन सौदों की जांच के लिए दायर याचिका के नोटिस पर अपनी हलफनामे में पीएमओ ने यह बात कही।
लखनऊ स्थित आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने पिछले साल अरविंद केजरीवाल द्वारा वाड्रा पर लगाए आरोपों की जांच के लिए याचिका दायर की थी।
आरोपों में वाड्रा द्वारा जमीन सौदों में अनियमितता बरतने की बात कही गई थी।
केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल मोहन पारासरन अदालत में पेश हुए और उन्होंने कहा कि याचिका केवल समाचार पत्रों में छपी खबरों के आधार पर लगाई गई है। इसे सत्य नहीं माना जा सकता। इसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
हलफनामे में केंद्र सरकार ने वाड्रा और डीएलएफ के बीच हुए जमीन सौदों पर लगे आरोपों को झूठा और निराधार करार दिया है।
ठाकुर ने इस मामले में उनकी याचिका पर उच्च अधिकारियों/कार्यालय द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी चाही थी।
पहली याचिका में पीएमओ ने कहा कहा था कि मामला न्यायालय के अधीन है अत: रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।
याची का तर्क था कि जब तक अदालत कागजात को सार्वजनिक न करने के आदेश नहीं दे, तब तक उन्हें कागजात देखने से नहीं रोका जा सकता।
इस पर बाद में पीएमओ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वह इस मामले को आरटीआई की धारा 8(1)(ई) के मुताबिक गोपनीय ढंग से ले रहा है।