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पढ़िए आडवाणी की पूरी चिट्ठी, बयां किया अपना दर्द
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 10 Jun 2013 02:45 PM IST
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आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी,
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मैंने अपने पूरे जीवन में जन संघ और भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करने को गौरव का विषय समझा और इससे मुझे बेहद संतोष मिलता रहा है।
लेकिन बीते कुछ वक्त से मैं पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली या जिस दिशा में यह बढ़ रही है, उससे सहमत नहीं हो पा रहा हूं।
'रिटायर्ड हर्ट' आडवाणी का सभी पदों से इस्तीफा
मुझे अब ऐसा नहीं लगता कि भाजपा अपनी विचारधारा पर अडिग पार्टी रह गई है, जिसे डॉ मुखर्जी, पंडित दीनदयालजी, नानाजी और वाजपेयीजी ने खड़ा किया था, जिनके लिए एकमात्र चिंता का विषय यह देश और उसकी जनता थी। हमारे ज्यादातर नेता अब निजी एजेंडे को लेकर चिंतित रहने लगे हैं।
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4 दिन का खेलः आडवाणी की बीमारी से इस्तीफे तक
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इसलिए मैंने पार्टी के तीन पद- राष्ट्रीय कार्यकारिणी, संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति से इस्तीफा देने का फैसला किया है। इस पत्र को मेरे इस्तीफे के रूप में स्वीकार करें।
आपका आज्ञाकारी
लालकृष्ण आडवाणी