फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   rakhi birla biography

जिसे पेट में ही मारने की सोची, वो बन गई मंत्री

Mon, 30 Dec 2013 04:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 30 Dec 2013 04:09 PM IST
विज्ञापन
rakhi birla biography

दलित आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली झज्जर के गांव छारा की छोरी राखी बिरला दिल्ली में आप की कैबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री बन गई हैं। राखी को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का प्रभार मिला है।

विज्ञापन


पेशे से पत्रकार रहीं राखी बिरला ने 26 साल की उम्र में साधारण परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद दिल्ली की मंगोलपुरी सीट से कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान को 10585 वोटों से पटखनी दी।
विज्ञापन


जान लीजिए, 'आप' के मंत्रियों के विभाग, उनके कॉन्टेक्ट
विज्ञापन
विज्ञापन

माता-पिता की अनचाही संतान

rakhi birla biography

राखी विरला अपने माता-पिता की अनचाही संतान हैं। तीन भाई बहनों के बाद उनके मां-बाप नहीं चाहते थे कि आगे उनकी कोई औलाद हो और शायद इसलिए उन्होंने गर्भपात की पूरी कोशिश भी की।

राखी के पिता भूपेंद्र सिंह बिधलान का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने राखी की मां शीला को अबॉर्शन की दवाइयां भी दीं लेकिन फिर भी राखी बच गई।

पहली बार राखी ने गर्भ में ही अपनी मजबूत इच्छाशक्ति दिखा दी थी। राखी को खुद को क्रांतिकारी कहना अच्छा लगता है।

गलती से नाम पड़ा बिरला

rakhi birla biography

साधारण से परिवार में शीला एवं भूपेंद्र सिंह बिधलान के यहां जन्मी राखी अपनी चार बहनों में सबसे छोटी है। वैसे तो उनका गोत्र बिधलान है, लेकिन बिधलान से बिरला बनने तक का किस्सा भी काफी रोचक है।

बताते हैं कि दसवीं की उनकी बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान एक अध्यापक ने फार्म भरने के दौरान भूलवश बिधलान के स्थान पर बिरला लिख दिया, जो अब उनकी पहचान बन गया है।

नए CM ने कही 6 बातें, जो आपके लिए हैं जरूरी!

न्यूज चैनल में कर चुकीं हैं काम

rakhi birla biography

जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) तक पढ़ाई करने वाली राखी बिरला दिल्ली के न्यूज चैनल में भी काम कर चुकी है और उनका परिवार पहले कांग्रेस का समर्थक था लेकिन 2011 में जनलोकपाल को लेकर अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान परिवार ने कांग्रेस से किनारा कर लिया।

इसके बाद वे इसी जन मुहिम से जुड़ गए। पहले ही चुनाव में राजकुमार चौहान जैसे बड़े दिग्गज को पटखनी देने और जन आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने की वजह से राखी को मंत्रिमंडल में जगह मिल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed