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राजस्थान विधानसभा में लापता बाघों का मामला गूंजा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 31 Mar 2015 07:16 PM IST
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राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को रणथम्भौर बाघ परियोजना के लापता बाघों का मामला गूंजा। निर्दलीय विधायक किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया कि बाघों की ट्रेकिंग सही तरह से नहीं की जा रही। उन्होंने मांग की कि बाघों की ट्रेकिंग सवाईमाधोपुर के बजाय जयपु से हो।
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किरोड़ी ने बाघ ट्रेकिंग सिस्टम को संदिग्ध बताया तथा कहा कि पिछले छह महीनों से पांच बाघों की ट्रेकिंग नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि टी 47, 48, 65, 67 व टी 68 बाघों को अधिकारी ट्रेक तक नहीं कर पाए हैं।
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जवाब में वन एवं पर्यावरण मंत्री राजकुमार रिणवां ने कहा कुछ माह पहले की गई गणना में रणथम्भौर में 21 नर, 22 मादा और 16 शावक पाए गए। इनमें से आपसी संघर्ष में एक शावक की मौत हो चुकी है। उन्होंने एक मॉनिटरिंग टीम बनाकर रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लापता हुए बाघों को जल्दी से जल्दी पता लगाने के प्रयास करने का आश्वासन दिया।
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उन्होंने कहा कि मॉनिटरिंग के लिए जयपुर में भी अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1700 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले हुए इस रिजर्व क्षेत्र में कभी कभी बाघ संघर्ष करते हुए मर जाते है, कभी कभी बाघ मध्यप्रदेश तक चले जाते हैं, फिर भी लापता बाघों को पता लगाने के लिए मॉनिटरिंग की जाएगी।