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रेलवे ने अनुकंपा नौकरी में महिलाओं को दी बड़ी राहत

Sat, 29 Sep 2012 11:33 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Sat, 29 Sep 2012 11:33 AM IST
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railway has given big relief to women in compensation job

रेलवे ने अनुकंपा के आधार पर मिलने वाली नौकरियों में महिलाओं को बड़ी राहत दी है। अब रेलवे न्यूनतम शैक्षिक योग्यता न होने पर भी विधवाओं को ग्रुप-डी में ट्रेनी के रूप में नौकरी देगा। शर्त सिर्फ यह होगी कि महिला को नौकरी मिलने के बाद पांच साल में शैक्षिक योग्यता हासिल करनी होगी। इस दौरान नौकरी की सभी सुविधाएं उसे मिलती रहेंगी।

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रेलवे कर्मचारियों के निधन के बाद विधवाओं को नौकरी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। खासतौर पर तब जब विधवा महिला कम पढ़ी-लिखी हो। ऐसी स्थिति में अनुकंपा आधार पर नौकरी मिलने में भी दिक्कत होती है। अभी रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के लिए हाईस्कूल की शिक्षा अनिवार्य है। विधवा महिलाओं को अनुकंपा आधार पर नौकरी के मामले में इस अनिवार्यता में छूट दी गई है। रेल कर्मियों का तर्क है कि ग्रुप डी में नौकरी करने वाले ज्यादातर ग्रामीण परिवेश से हैं। इनकी पत्नियों की शिक्षा कम है। इस समस्या को देखते हुए रेलवे ने कहा है कि इन महिलाओं को ट्रेनी के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।
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रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक स्थापना हर्षा दास ने कहा है कि पांच साल में इन्हें शैक्षिक योग्यता हासिल करनी होगी। इस दौरान उसे प्रोबेशन पीरिएड में माना जाएगा, लेकिन नियमित कर्मचारी के तौर पर सभी छुट्टियां मिलेंगी। साथ ही बच्चों के लिए चाइल्ड एजूकेशन एलाउंस और चिकित्सा सुविधा भी मिलती रहेगी। इन पांच वर्षों के दौरान ओवरटाइम एलाउंस नहीं मिलेगा। वार्षिक वृद्धि 1 एस कैडर के सामान्य दर से मिलेगी।
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