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धोती पहनने से रोकने पर होगी एक साल की जेल

Thu, 07 Aug 2014 01:08 AM IST
Updated Thu, 07 Aug 2014 01:08 AM IST
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provide legal protection to dhoti, violators to face one-year jail term and fine

तमिलनाडु में अगर अब लोगों को क्लब, एसोसिएशन और ट्रस्ट में इंट्री करने पर धोती पहनने से रोका गया तो एक साल की कैद और 25,000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।

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टीओआई की ख्ाबर के मुताबिक जयललिता सरकार ने इस बाबत बिल को विधानसभा में पेश कर दिया है। इस बिल के मुताबिक धोती पहनने से रोकने वाले क्लब और संस्थाओं के लाइसेंस भी निरस्त किए जा सकते हैं।
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जयललिता ने किया था वायदा

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गौरतलब है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने विधानसभा में कहा था कि जल्द ही निजी क्लबों में धोती पहनने की मंज़ूरी देने के लिए क़ानून पारित किया जाएगा।

मद्रास हाईकोर्ट के एक जज को तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए) के क्लब में धोती पहनने की वजह से प्रवेश न देने पर विवाद के बाद मुख्यमंत्री ने ये बयान दिया है। जयललिता ने कहा था कि आज़ादी के 67 साल बाद भी ऐसा होना शर्मनाक घटना है।

डीएमके, सीपीएम और अन्य पार्टियों के नेताओं ने सदन में इस घटना की आलोचना की थी। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने इस घटना को तमिल संस्कृति के ख़िलाफ़ बताया था।

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धोती को लेकर हो रही राजनीति

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करुणानिधि के बयान के बाद मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया था। जस्टिस डी हरिपारनथन टीएनसीए के क्लब में एक पूर्व कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस की पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में पहुँचे थे। जज और दो वकीलों को धोती पहनने के कारण क्लब में प्रवेश नहीं दिया गया था।

मीडिया रिपोर्टों में जस्टिस हरिपारनथन के हवाले से कहा गया था, "मैं एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्लब पहुँचा था। मेरे तर्क देने के बावजूद मुझे प्रवेश नहीं दिया गया।"

इसी बीच मद्रास हाई कोर्ट ने इस संबंध में क्लबों को दिशानिर्देश जारी करने के लिए दायर की गई एक जनहित याचिका को अस्वीकार कर दिया है। अदालत का कहना है कि टीएनसीए एक निजी संस्थान है।

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