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लापता आईपीएस का सुराग ढूंढने में जुटी पुलिस
ईटानगर/एजेंसी
Updated Thu, 18 Oct 2012 08:48 PM IST
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अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कमेंग जिले से लापता हुए आईपीएस अधिकारी एमएस चौहान की तलाश के लिए पुलिस अहम सुराग ढूंढने में जुट गई है। ईटानगर से तवांग जाते समय राज्य की विशेष जांच सेल (एसआईसी) के एसपी चौहान मंगलवार को टिप्पी से दोपहर करीब 2.30 बजे गायब हुए।
आईपीएस अधिकारी अरुणाचल प्रदेश में करोड़ों रुपये के पीडीएस घोटाले की जांच कर रहे थे। इस बारे में आईजीपी (क्राइम) अरविंद दीप ने कहा, ‘हमें कुछ अहम जानकारी मिली है और जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।’ हालांकि उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि इससे केस प्रभावित हो सकता है।
आईपीएस अपने दो सहायकों मोहन काये और कांस्टेबल विक्रम सिंह के साथ तवांग जा रहे थे। रास्ते में चौहान ने खुद को टिप्पी मार्केट में उतारने और नदी के पास लंच के लिए उनका इंतजार करने को कहा था। इसके बाद से चौहान का कहीं पता नहीं चल पाया है। चौहान का 8 अक्तूबर को ही दिल्ली ट्रांसफर हो गया था।
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उन्हें 10 अक्तूबर को जिम्मेदारियों से मुक्त भी कर दिया गया था। बावजूद इसके वह राज्य में ही थे। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 2008 में पीडीएस घोटाले की जांच के लिए 1998 बैच के चौहान को विशेष जांच अधिकारी नियुक्त किया था। आईपीएस की चार्जशीट में शामिल 56 लोगों के नाम में पूर्व मुख्यमंत्री गेगांग अपांग, पांच कांग्रेस विधायक, दो मंत्री और कुछ आईएएस अधिकारियों के नाम भी थे।
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आईपीएस अधिकारी अरुणाचल प्रदेश में करोड़ों रुपये के पीडीएस घोटाले की जांच कर रहे थे। इस बारे में आईजीपी (क्राइम) अरविंद दीप ने कहा, ‘हमें कुछ अहम जानकारी मिली है और जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।’ हालांकि उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि इससे केस प्रभावित हो सकता है।
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आईपीएस अपने दो सहायकों मोहन काये और कांस्टेबल विक्रम सिंह के साथ तवांग जा रहे थे। रास्ते में चौहान ने खुद को टिप्पी मार्केट में उतारने और नदी के पास लंच के लिए उनका इंतजार करने को कहा था। इसके बाद से चौहान का कहीं पता नहीं चल पाया है। चौहान का 8 अक्तूबर को ही दिल्ली ट्रांसफर हो गया था।
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उन्हें 10 अक्तूबर को जिम्मेदारियों से मुक्त भी कर दिया गया था। बावजूद इसके वह राज्य में ही थे। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 2008 में पीडीएस घोटाले की जांच के लिए 1998 बैच के चौहान को विशेष जांच अधिकारी नियुक्त किया था। आईपीएस की चार्जशीट में शामिल 56 लोगों के नाम में पूर्व मुख्यमंत्री गेगांग अपांग, पांच कांग्रेस विधायक, दो मंत्री और कुछ आईएएस अधिकारियों के नाम भी थे।