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ओबामा के बाद अब अजमेर दरगाह पर चढ़ेगी मोदी की चादर

Wed, 22 Apr 2015 07:48 AM IST
Updated Wed, 22 Apr 2015 07:48 AM IST
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PM Modi offer chadar to Ajmer shrine.

कभी एक मौलवी से टोपी पहनने से इनकार करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अल्पसंख्यकों के प्रति अपने बदले रवैये का संकेत देते हुए सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर भेजी है।

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उनकी ओर से भाजपा के मुस्लिम चेहरे और अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी अजमेर स्थित दरगाह पर चादर चढ़ाएंगे।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अजमेर दरगाह पर चादर भेजी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख्वाजा चिश्ती की दरगाह पर आयोजित होने वाले सालाना उर्स के मौके पर नकवी को चादर सौंपते हुए कहा कि भारत संतों, मनीषियों और पैगंबरों की धरती रही है। नकवी आज दरगाह पर पीएम की ओर से भेंट की गई चादर चढ़ाएंगे।

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अल्पसंख्यकों के लिए पीएम मोदी की पहल

PM Modi offer chadar to Ajmer shrine.

पीएम मोदी ने कहा कि महान सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के विचार उनके अनुयायियों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी के लिए आज भी प्रासंगिक हैं।

मोदी ने कहा, ‘ख्वाजा ने सूफियों और संतों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सभी धर्मों के अपने अनुयायियों को सद्भाव से रहने का महान संदेश दिया। उनके यह विचार आज भी अनुकरणीय हैं।’

गौरतलब है कि सोमवार से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर दरगाह पर 803वें उर्स के आयोजन की शुरूआत हुई है। मोदी की ओर से इस चादर को भेजने के राजनीतिक अर्थ भी निकाले जा रहे हैं।

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सीएम रहते टोपी पहनने से कर चुके हैं इनकार

PM Modi offer chadar to Ajmer shrine.

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो मोदी की ओर से चादर भेजना अल्पसंख्यकों को एक संदेश देने की कोशिश है। मोदी यह संदेश देने की कोशिश में जुटे हैं कि उनकी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।

वह लोकसभा चुनाव में दिए ‘सबका साथ सबका विकास’  के नारे पर ही आगे बढ़ेगी।

गौरतलब है कि मोदी से पहले ओबामा की ओर से अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने चादर चढ़ाई थी। इसके अलावा सोनिया ने भी अपनी ओर से चादर भेजी है। सोनिया गांधी हर साल अजमेर सहित तमाम दरगाहों पर चादर भेजती रही हैं।

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