प्रधानमंत्री मोदी के लिए 'खुफिया' सुरंग
देश के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक खास सुरंग बनाई जा रही है। जिसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री सफदरजंग एयरपोर्ट जाने के लिए करेंगे।
अभी प्रधानमंत्री को सफदरजंग एयरपोर्ट जाने के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। पीएम काफिले के निकलने के चलते ट्रैफिक रोकना पड़ता है। जिससे सड़क पर जाम के हालात बन जाते हैं।
इसे दूर करने के लिए ये सुरंग बनाई जा रही है। जिसके जरिए प्रधानमंत्री अंडरग्राउंड ही एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे और ट्रैफिक में भी कोई बदलाव नहीं करना पड़ेगा।
2010 में शुरू हुआ निर्माण कार्य
ऐसा नहीं है कि इस सुरंग पर अचानक काम शुरू हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही इसे बनाने का काम शुरू हुआ था, साल 2010 में इस योजना पर काम शुरू हुआ।
हालांकि शुरू में इस सुरंग के बारे में जानकारी कुछ ही लोगों तक रखी गई। बहुत ही गुपचुप तरीके से इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया।
प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए इतनी सावधानी बरती कि इसका कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया। इस सुरंग को पिछले साल ही तैयार होना था, लेकिन प्रोजेक्ट लेट हो गया। माना जा रहा है कि अब इसका ज्यादातर काम पूरा हो चुका है।
डेढ़ किलोमीटर लंबी सुरंग
सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (सीपीडब्ल्यूडी) के मुताबिक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस सुरंग का इस्तेमाल 3 से 4 महीने शुरू हो जाएगा। सीपीडब्ल्यूडी ने सुरंग का काम पूरा करने के लिए डीएमआरसी को चुना है।
ये प्रोजेक्ट सुरक्षा के नजरिए से कितना अहम है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके निर्माण पर खुद आईबी के अधिकारी नजर रख रहे हैं।
इस सुरंग का रूट देखें तो ये सुरंग कमाल अतातुर्क मार्ग, गोल्फ कोर्स और सफदरजंग अस्पताल से होते हुए सफदरजंग एयरपोर्ट पर खत्म होगी। जहां से प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेंगे।
ट्रैफिक जाम से निजात की कोशिश
प्रधानमंत्री के काफिले के चलते होने वाले ट्रैफिक डायवर्जन और जाम के हालात से निपटने के लिए ये सुरंग जरूरी है।
इसके अलावा किसी तरह की इमरजेंसी होने पर भी प्रधानमंत्री को पीएम आवास से निकालने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
वहीं सुरंग बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास यानी 7 आरसीआर से सफदरजंग एयरपोर्ट का रास्ता महज दो से 3 मिनट में पहुंचा जा सकता है।