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ट्रेन में ‘लुटेरे’ सिपाहियों को यात्रियों ने बंधक बनाया

Fri, 07 Dec 2012 08:41 AM IST
कानपुर/ब्यूरो
कानपुर/ब्यूरो Updated Fri, 07 Dec 2012 08:41 AM IST
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passengers made train robbers soldiers hostage

पटना से नई दिल्ली जा रही 12393 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में जीआरपी के सिपाहियों राजेश और शारदा सिंह ने यात्रियों को मारपीट कर लूट लिया। यात्रियों ने एकजुट होकर दोनों को दबोच लिया।

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गुरुवार सुबह सेंट्रल पर ट्रेन के पहुंचने पर आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे स्टाफ ट्रेन में पहुंचा तो सिपाही राजेश भाग निकला, पर वह भागते समय अपना आई कार्ड छोड़ गया। जबकि दूसरे सिपाही को यात्री बंधक बनाए रहे।
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यात्रियों का कहना था कि इंसपेक्टर आकर तहरीर लें फिर सिपाही की गिरफ्तारी करें तभी उसे छोड़ा जाएगा। फिर ट्रेन चल दी और यात्री सिपाही को बंधक बनाकर दिल्ली अपने साथ ले गए। आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे स्टाफ ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर ली है।
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गुरुवार को दिल्ली जा रही संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के एस-4 कोच में जीआरपी सिपाहियों राजेश और शारदा सिंह ने यात्रियों से वसूली शुरू कर दी। पैसे न देने पर मारपीट की। कोच में बैठे दिलीप कुमार (बर्थ नंबर-66), किशोर कुमार, अनिल राय (बर्थ नंबर-5) ने अन्य यात्रियों के सहयोग से दोनों सिपाहियों को पकड़कर सीट की जंजीर से बांध लिया। इसके बाद कोच कंडक्टर को पता चला तो उसने फतेहपुर से ट्रेन निकलते ही कानपुर को सूचना दी।

ट्रेन सुबह 7:30 बजे जैसे ही प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची तो डिप्टी एसएस खान मोहम्मद, हेड टीटीई भोला कुमार, आरपीएफ दारोगा आरबी प्रसाद, जीआरपी सिपाही नरोत्तम और बीएस यादव ट्रेन में पहुंचे। इसी दौरान बंधक बना सिपाही राजेश मौका पाकर भाग निकला पर उसका कार्ड छूट गया। इसमें उसका पता गनेशीपुर, हडिया, इलाहाबाद लिखा है। यात्री दूसरे सिपाही शारदा सिंह को कोच में ही बंधक बनाए रहे और दिल्ली ले गए।

बाद में इसकी सूचना मेमो के जरिए दिल्ली स्टेशन को दी गई। इस चक्कर में ट्रेन 10 मिनट विलंब से गई। बताया गया कि संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में मुगलसराय जीआरपी का एस्कार्ट तैनात था। आरपीएफ दारोगा आरबी प्रसाद ने बताया कि यात्री बंधक बनाए सिपाही को छोड़ने को तैयार ही नहीं हुए।

13 घंटे बाद भी कप्तान को पता नहीं
रेल यात्रियों से लूटपाट करने वाले जीआरपी सिपाहियों को यात्री बंधक बना दिल्ली ले गए, पर इस गंभीर घटना की जानकारी जीआरपी प्रभारी और जीआरपी स्टाफ ने एसपी रेलवे रामशंकर को नहीं दी। रात 8 बजे जब एसपी रेलवे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी ही नहीं है। अब पता करेंगे। उन्होंने घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इससे तो रेलवे पुलिस से यात्रियों का विश्वास ही उठ जाएगा।


इससे अधिक शर्मनाक यह है कि मातहतों ने जानकारी ही नहीं दी। वे जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। वहीं मुगलसराय जीआरपी प्रभारी रतन यादव ने घटना को नकारते हुए कहा कि टीटीई ने जीआरपी की सीटें बेच ली थीं। इस पर विवाद हुआ था। दिल्ली पहुंचने से पहले सब कुछ सही हो गया। सिपाहियों से बात भी की गई थी।

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