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पाकिस्तान ने नावेद के गांव जाने से मीडिया को रोका

Fri, 07 Aug 2015 12:04 PM IST
Updated Fri, 07 Aug 2015 12:04 PM IST
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pakistan ban media coverage of naved's village

उधमपुर हमले में शामिल अपने नागरिक मोहम्मद नावेद उस्मान उर्फ कासिम के पकड़े जाने से स्तब्ध पाक अधिकारियों ने आतंकी के गांव जाकर कवरेज करने से मीडिया को रोकने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।

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सोशल मीडिया पर पोस्ट कुछ संदेशों में दावा किया गया है कि मीडियाकर्मियों को पाक सुरक्षा अधिकारियों ने सरकार की और से आधिकारिक बयान जारी होने तक कासिम के गांव जाकर कवरेज करने से बचने को कहा है।
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खासतौर पर मीडिया में कासिम के पिता का बयान आने के बाद पुलिस और अन्य बलों ने गांव को घेर लिया है।

वहीं, उधमपुर में आतंकवादी के जिंदा पकड़े जाने की खबर को लेकर भारत में जबरदस्त प्रतिक्रिया है, लेकिन पाकिस्तान की मीडिया में इस मुद्दे को लेकर खामोशी छाई हुई है।
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फोन भी नहीं उठा रहे पाकिस्तानी पत्रकार

pakistan ban media coverage of naved's village

पाक के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों से कासिम की गिरफ्तारी के बारे में जब अमर उजाला ने पूछा तो उन्होंने जवाब देने के बजाय फोन ही रख दिया। वहीं कुछ पत्रकारों ने तो फोन रिसीव करना ही मुनासिब नहीं समझा। कई अखबारों के दफ्तरों को फोन लगाए गए, मगर घंटी बजती रही और किसी ने उठाया तक नहीं।

हालांकि, पाकिस्तान के कुछ प्रगतिशील पत्रकारों ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि कासिम का पाक से रिश्ता कोई भी स्वीकार नहीं करेगा।

पाकिस्तान के प्रसिद्ध पत्रकार हफीज चाचड़ से जब पूछा गया कि पाक मीडिया में जिंदा पकड़े गए आतंकी की खबर को तरजीह नहीं दी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, ‘यहां तो खामोशी छाई है और आप अगर किसी से बात करेंगे भी तो लोग यही कहेंगे कि जरूर इसमें भारत की कोई साजिश रही होगी।’

उन्होंने कहा कि पहले कसाब को जिंदा पकड़ा था, तब भी पाक ने कहा कि वह हमारा नहीं है तो इसे कोई अपना क्यों माने ?’

'शरीफ पीएम, मगर मुल्क कोई और ही चलाता है'

pakistan ban media coverage of naved's village

एक और बड़े पत्रकार एहतेशाम उल हक ने कहा कि छोड़िए भी इन बातों को, लेकिन सबसे बड़ी बदकिस्मती ये है कि दोनों मुल्कों के बीच जब भी बातचीत की पहल होती है, कोई न कोई मसला आ जाता है रुकाव के लिए।’

हफीज चाचड़ ने कहा कि रूस की बैठक में जो नतीजा निकला था, उसे पहले तो सीमा पर गोलीबारी से रोकने की कोशिश हुई और अब इस जिंदा आतंकी के पकड़े जाने के बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।

उन्होंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ प्रधानमंत्री जरूर नजर आते हैं लेकिन मुल्क को चलाता कोई और है, बस इसके आगे मुंह न खुलवाएं।

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