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सुप्रीम कोर्ट से फरियाद, 'माई लॉर्ड, मुझे जिंदा कर दो'

Wed, 22 Apr 2015 08:03 AM IST
Updated Wed, 22 Apr 2015 08:03 AM IST
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Old man petition in supreme court for living certificate.

‘माई लॉर्ड, मुझे जिंदा कर दो।’ सुप्रीम कोर्ट से यह अजीबोगरीब फरियाद एक बुजुर्ग की है। वह फरियाद लगा रहे थे कि छह साल पहले उन्हें मार दिया गया था, लेकिन वह जिंदा हैं। लिहाजा उन्हें जिंदा होने का प्रमाणपत्र दिया जाए।

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66 वर्षीय गुलशन कुमार ने चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि छह साल पहले न्यायालय के एक आदेश ने उन्हें मृत करार दिया था।

पूर्व वायु सैनिक गुलशन ने पीठ को उक्त फैसले की प्रति सौंपते हुए कहा, ‘माई लॉर्ड यह आदेश देखिए। मैं आपके सामने खड़ा हूं, पर पता नहीं क्यों मुझे मार डाला गया। क्या यह दुखद नहीं है।’
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गुलशन ने चीफ जस्टिस से गुहार की कि न्यायिक आदेश के जरिये उनके जीवित होने का प्रमाणपत्र दिया जाए। वर्ष 2009 में यह आदेश तब पारित किया गया था जब वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते थे।
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कोर्ट से मांगा खुद के जीवित होने का प्रमाणपत्र

Old man petition in supreme court for living certificate.

आदेश देखने के बाद चीफ जस्टिस ने बुजुर्ग से कहा कि जिस पीठ ने यह आदेश पारित किया था, वह अब अस्तित्व में नहीं है। चीफ जस्टिस ने मुस्कराते हुए कहा कि चूंकि जिस जज ने यह आदेश पारित किया था वह सेवानिवृत्त हो गए है, लिहाजा अब आप क्या चाहते हैं।

इस पर गुलशन ने कहा कि कृपया इस आदेश को सही किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास और भी कई ऐसी चीजें हैं जो चौंकाने वाली हैं।

बुजुर्ग ने यह भी बताया कि उनकी दो और याचिकाएं शीर्ष अदालत में लंबित हैं और वह उस पर जल्द सुनवाई चाहते हैं। गुलशन ने अदालत को बताया कि किसी ने उनके पते पर जाकर यह जानने की कोशिश नहीं की कि वह जिंदा हैं या मर गए।

दूसरे पक्ष के वकील के बयान के आधार पर आदेश पारित किया गया और उन्हें मार दिया गया, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने उसकी याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि वह उचित आदेश पारित करेंगे।

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