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'क्रीमी लेयर' से बाहर रहेंगे पूर्व सांसद, आय की सीमा भी बढ़ी

Tue, 27 Oct 2015 05:12 PM IST
Updated Tue, 27 Oct 2015 05:12 PM IST
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obc panel suggested new criteria for ‘creamy layer’

पिछड़ा वर्ग के लिए बने राष्ट्रीय आयोग ने 'क्रीमी लेयर' के मानदंडों को लेकर सुझाव दिए हैं। नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज (NCBC) ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि 15 लाख रुपए वार्षिक तक की पारिवारिक आय वाला व्यक्ति भी आरक्षण पाने का अधिकारी है। हालांकि पहले आयोग ने ये सीमा 10.50 लाख रुपए तक रखी थी।

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आय ही नहीं कई अन्य मानदंडों में भी आयोग ने ढील दी है। माना जा रहै कि आयोग ने सुझावों में ये बदलाव पिछड़ा वर्ग के आरक्षण समर्थक समूहों के दबाव में किया है। इन दिनों क्रीमी लेयर समेत आरक्षण से जुड़े कई मसले मुल्क में बहस चल रही है।
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संघ प्रमुख मोहन भागवत आरक्षण कानून की समीक्षा की मांग कर चुके हैं, जबकि पटेल और जाट समुदाय खुद को पिछड़ी जाति में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।

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आयोग ने इसी वर्ष मार्च में भी दी थीं सिफारिशें

obc panel suggested new criteria for ‘creamy layer’

आयोग ने अपने सुझाव में कहा है कि केवल वर्तमान सासंद ही 'क्रीमी लेयर' का हिस्सा होंगे, और उनकी संतानों का आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा। पूर्व सांसदों और राज्यों की विधानसभा, विधाान परिषद के वर्तमान और पूर्व सभी सदस्यों को 'क्रीमी लेयर' श्रेणी से बाहर रखने का सुझाव दिया गया है।

इससे पहले आयोग ने इसी वर्ष मार्च में सिफारिशें दी थीं, ताजा प्रस्ताव में पुरानी सिफारिशों के मुकाबले कई बदलाव किए गए हैं।

पुराने प्रस्ताव में वर्तमान और पूर्व सांसदों, विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों को 'क्रीमी लेयर' श्रेणी में रखने का सुझाव दिया गया था। आय की सीमा में भी बदलाव का सुझाव दिया गया था। पहले वह छह लाख थी, और उस सुझाव में 10.50 लाख की सीमा तय की गई थी।

हालांकि आयोग की स‌िफारिशों पर बहुत बवाल हुआ था। संसदीय पैनल ने अयोग की सिफारिशों पर आपत्ति जताई ‌थी। उल्लेखनीय है कि ओबीसी कोटे के तहत पिछड़ी जातियों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में 27 फीसदी आरक्षण दिया जाता है।

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