NSG ने 600 कमांडो को VVIP ड्यूटी से हटाया
एनएसजी ने आतंकवाद रोधी अभियानों की अपनी वास्तविक भूमिका की तरफ लौटने की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया है। इस क्रम में एनएसजी ने अपने 600 से अधिक कमांडो को अतिविशिष्ट लोगों (वीवीआईपी) की सुरक्षा इकाई से हटा लिया और पहली बार उनका इस्तेमाल पठानकोट हमले के दौरान किया।
यह योजना पिछले दो साल से अधिक समय से बन रही है और पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर हमले के दौरान इन ब्लैक कैट कमांडो का पहली बार इस्तेमाल किया गया।
बल की ओर से नए ब्लूप्रिंट पर किए जा रहे काम के अनुसार 11वें स्पशेल रेंजर्स ग्रुप (एसआरजी) की कुल तीन टीमों में से दो टीमों को वीवीआईपी सुरक्षा ड्यूटी से हटा लिया गया है और उन्हें आतंकवादी निरोधी अभियानों का दायित्व सौंपा गया है।
51 और 52 एसएजी टीमें करेंगी आतंक का सामना
इन्हें स्पेशल एक्शन ग्रुप (एसएजी) जैसी प्राथमिक लड़ाकू यूनिटों की सहायता में भी लगाया गया है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की कमांडो टीमें पांच प्राथमिक इकाइयों के तहत गठित की गई हैं।
इनमें दो एसएजी शामिल हैं जिनमें सेना से अधिकारी और जवान लिए गए हैं व तीन एसआरजी टीमें हैं जिनमें अर्धसैनिक बलों से कर्मी लिए गए हैं।
दो एसएजी (51 और 52) में से प्रत्येक को आतंकवाद रोधी, अपहरण रोधी और बंधक बचाव अभियानों का दायित्व सौंपा गया है।