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मोदी हवा को आंधी में बदलेगी भाजपा
विनोद अग्निहोत्री/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 17 Dec 2013 12:34 PM IST
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उत्तर भारत के चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की हवा और उससे आए नतीजों से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी अब लोकसभा चुनावों में मोदी हवा को 'मोदी की आंधी' में बदलने में जुट गई है।
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इसके लिए बेहिसाब वित्तीय साधन जुटाने से लेकर राज्यों के छत्रपों को लुभाने, विदेशों में मोदी की छवि निर्माण और मुस्लिम धर्मगुरुओं, बुद्धिजीवियों और नेताओं से संपर्क साधने तक की कवायद हो रही है।
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बताया जाता है कि पार्टी और मोदी के धन प्रबंधकों ने इसके लिए देशी विदेशी स्रोतों से इतना बड़ा कोष तैयार किया है जो पिछले दस सालों में भाजपा को मिले चंदे से भी ज्यादा बताया जा रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक अरबों रुपए के इस चुनावी चंदे को देश भर में मोदी की रैलियों, इंटरनेट, वीडियो के जरिए प्रचार और ब्रांडिंग के सभी आधुनिक तरीकों, मीडिया प्रबंधन से लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ तक में झोकने की तैयारी है।
यह जानकारी देने वाले उच्च स्तरीय सियासी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के मददगार उद्योगपतियों और मित्र अनिवासी भारतीयों ने लोकसभा चुनावों में मोदी लहर चलाने के लिए बड़े पैमाने पर अपनी थैलियों का मुंह खोल दिया है।
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इसमें पार्टी को चंदा देने से लेकर मोदी ब्रांडिंग के लिए अलग से भी आर्थिक संसाधन जुटाना शामिल है। इसमें पिछले दस सालों के दौरान गुजरात में सर्वाधिक लाभान्वित होने वाला एक प्रमुख उद्योग घराने ने पूरी कमान संभाली हुई है।
इस उद्योग घराने का निजी विमान भी पिछले कई वर्षों से मोदी की सेवा में है, जिसे अति महत्वपूर्ण कामों के लिए अक्सर इस्तेमाल किया जाता है। इनके अलावा देश के एक नामी उद्योग घराने के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उस कोर ग्रुप में शामिल हैं जो मोदी की राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग के लिए काम कर रहा है।
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हाल ही में चर्चित कथित महिला जासूसी कांड में एक खास मोबाइल फोन के बारे में कहा जाता है कि वह एक बड़े घराने के एक उच्चाधिकारी के नाम से जारी हुआ था। ऊर्जा क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी के मालिक भी मोदी और अमित शाह के बेहद करीबी हैं और अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जद(यू) केअलग होने के बाद कमजोर हो चुके एनडीए को फिर खड़ा करने के लिए आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी और चंद्र बाबू नायडू दोनों से बात हो रही है। तमिलनाडु में जयललिता को भी पुरानी दोस्ती का वास्ता देकर मनाने की कोशिश है तो डीएमके और अन्य छोटे दलों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
झारखंड में बाबू लाल मरांडी और कर्नाटक में बीएस येदुयेरप्पा को एनडीए में शामिल करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि यह सभी छत्रप कम से कम 50 लोकसभा सीटें जीतकर एनडीए की झोली में डाल सकते हैं।
मोदी की छवि निर्माण में जुटी टीम
मोदी के खिलाफ मुसलमानों का ध्रुवीकरण रोकने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के मुस्लिम नेताओं व तंजीमों को साथ लेने की कोशिश भी शुरु हो गई है। कुछ बड़े मौलानाओं, उल्माओं और इमामों से कांग्रेस पर हमला कराने की रणनीति भी है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोदी की छवि निर्माण के लिए भी टीम मोदी जुटी है। इसमें अनिवासी भारतीयों (विशेषकर गुजरातियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े समूहों) की विशेष भूमिका है।
57 देशों के राजदूतों से संपर्क
दिल्ली में स्थित करीब 57 देशों के राजदूतों से संपर्क करके उन्हें नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल, गुजरात के सुशासन और नजरिये की जानकारी देकर उन देशों का नजरिया प्रभावित किया जा चुका है। इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, चीन जैसे देशों का रुख मोदी के प्रति सकारात्मक करने में टीम मोदी को कामयाबी भी मिली है। अमेरिका के साथ लगातार इस दिशा में कोशिश हो रही है।