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ऑस्ट्रेलिया में बेहद कामयाब दौरे के बाद एशिया कप और वर्ल्ड कप से पहले होने वाली अंतिम टी-20 सीरीज के लिए विराट कोहली को आराम दिया गया है। यह सीरीज 3 मैचों की होगी जो भारत में ही खेली जाएगी जबकि विपक्षी टीम होगी श्रीलंका की।
श्रीलंका के खिलाफ 3 मैचों की होने वाली इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। बीसीसीआई ने पुरुष टीम के साथ-साथ महिला टीम की भी घोषणा कर दी है।
इस सीरीज से जहां उपकप्तान कोहली को आराम दिया गया, वहीं तेज गेंदबाज उमेश यादव को इस सीरीज से बाहर कर दिया गया है। दिल्ली के लेफ्ट ऑर्म स्पिनर पवन नेगी टीम का नया चेहरा होंगे और उन्हें पहली बार टीम में रखा गया है। आईपीएल में धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते थे।
वहीं अनफिट होने के कारण टी-20 सीरीज से दूर रहे तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को भी इस सीरीज में रखा गया है। मनीष पांडे भी अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं जिन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक भी टी-20 मैच नहीं खेलने का मौका मिला था।
15 सदस्यीय पुरुष टीमः महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, मनीष पांडे, सुरेश रैना, युवराज सिंह, हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, आशीष नेहरा, हरभजन सिंह, भुवनेश्वर कुमार और पवन नेगी।
गुजरात सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को खाद्य सुरक्षा कानून लागू न करने पर फटकार लगाई है। नाराज सर्वोच्च अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'क्या गुजरात देश का हिस्सा नहीं है? आखिर संसद क्या कर रही है?'
जस्टिस मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून संसद से पास हुआ। ये कानून पूरे देश के लिए है, लेकिन गुजरात ने अब तक इसे लागू नहीं किया। क्या गुजरात से देश से अलग है? ऐसे तो कल कोई ये भी कह सकता है वह सीआरपीसी, आईपीसी और साक्ष्य अधिनियम का पालन नहीं करेगा।
इसके साथ-साथ कोर्ट ने केंद्र सरकार से देश के सूखा प्रभावित राज्यों के हालात, यहां चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं जैसे मनरेगा, राष्ट्रीय खाद्य कानून और मिड-डे मील के बारे में जानकारी मांगी है।
कोर्ट ने इस मामले में होने वाली अगली सुनवाई से दो दिन पहले यानी 10 फरवरी तक शपथपत्र देने के लिए कहा है। सूखा प्रभावित राज्यों की स्थिति और यहां चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी के लिए डाली गई पीआईएल पर ये सुनवाई चल रही थी।
राज्यपाल का PDP-BJP को 24 घंटे का अल्टीमेटम
जम्मू और कश्मीर में सरकार गठन को लेकर हो रही देरी पर संज्ञान लेते हुए राज्यपाल एनएन वोहरा ने भाजपा और पीडीपी को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।
इसके लिए दोनों पार्टियों को राज्यपाल ने मंगलवार तक का समय दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं।
वहीं इस बीच पीडीपी ने सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में महबूबा मुफ्ती को पीडीपी विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। बैठक में पार्टी के सभी 27 विधायक मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनरल कौंसिल की बैठक बुलाकर पीडीपी ने यह संदेश भी दिया कि वह पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी हुई है, ताकि अगर चुनाव होते हैं तो पीडीपी उसके लिए भी तैयार रहे।
वीडियो के जरिए सामने आया दिल्ली पुलिस का बर्बर चेहरा
दिल्ली पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि एक छात्र संगठन रोहित वेमुला के आत्महत्या मामले में प्रदर्शन कर रहा था और पुलिस उन पर लाठी डंडों से वार कर रही थी। यहां तक कि पुलिस ने लड़कियों को भी नहीं छोड़ा।
प्रदर्शनकारी छात्र आरएसएस दफ्तर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे कि उन्हें पुलिस अफसरों ने रोक दिया और उसके बाद एक छात्र को बुरी तरह से पीटने लगे।जल्द ही पुलिस की इस बर्बरता में साथ देने कुछ छात्र भी आ पहुंचे जो प्रदर्शनकारी छात्रों को पीटने लगे। दावा किया जा रहा है कि पीटने वाले छात्र आरएसएस से संबंध रखते थे।
इस घटना के बाद इसका वीडियो वायरल हो गया है जिसके बाद दिल्ली पुलिस को इस बर्बरता के लिए काफी फजीहत झेलनी पड़ रही है। इस घटना पर सफाई देते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उसने छात्रों के दो गुटों के बीच पैदा हुए विवाद को सुलझाने की कोशिश की थी। जबकि वीडियो को देखकर ये कोई भी नहीं कह सकता कि पुलिस दो गुटों में बीच-बचाव की कोशिश कर रही है।
जमीन आवंटन जब मिला ही नहीं तो पैसे कैसे दूंगी: हेमा
बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने उन सभी आरोपों के खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने नृत्य अकादमी खोलने के लिए जमीन हथियाई है।
हेमा ने एक पत्रकार वार्ता बुलाकर इस मुद्दे पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा, 'अरे मेरे हाथ में जमीन आएगा तब न मैं दूंगी। एक बार मेरे हाथ में आ जाए, मैं सरकारी नियमों के तहत भुगतान करूंगी। मुझे तो अब ये पता ही नहीं है कि मुझे कितने रुपये देने हैं।'
गौरतलब है कि हेमा मालिनी एक प्रसिद्ध नृत्यांगना भी हैं और देश में शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देने के लिए एक नृत्य अकादमी खोलना चाहती हैं। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के अंधेरी इलाके में जमीन भी मुहैया करा दी है। इसी जमीन को लेकर एक आरटीआई कार्यकर्ता ने यह दावा किया कि हेमा ने गलत तरीके से उस जमीन को हथिया लिया है।
हेमा से जब यह सवाल पूछा गया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा में नृत्य अकादमी क्यों नहीं खोलती? तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा, 'मैं इस जमीन के लिए बीस साल से कोशिश कर रही हूं। मैने मुंबई में कई साल संघर्ष किया और अब मुझे मथुरा में अकादमी खोलना चाहिए?'