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वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू, 2098 तीर्थयात्री रवाना

Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर/एजेंसी
श्रीनगर/एजेंसी Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
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जम्मू एवं कश्मीर में स्थित अमरनाथ गुफा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था यहां रविवार को दो आधार शिविरों के लिए जय-जयकार करते हुए रवाना हो गया।
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राज्य के पर्यटन मंत्री नावांग रिग्जिन जोरा और उद्योग मंत्री एसएस स्लाथिया ने पहलगाम और बालटाल आधार शिविर के लिए 2,098 तीर्थयात्रियों को रवाना किया।

तीर्थयात्रियों के साथ सुरक्षाकर्मी और चिकित्सा वाहन भी हैं। जोरा ने यहां पत्रकारों को बताया कि तीर्थयात्री शाम तक आधार शिविरों में पहुंच जाएंगे। वे सोमवार को वहां से दोनों मार्गों पर यात्रा शुरू करेंगे।

जोरा ने कहा कि प्रशासन इस वर्ष चिकित्सकीय सुविधा पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, क्योंकि पिछले वर्ष स्वास्थ्य कारणों से 100 से अधिक तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। जोरा ने कहा कि पंजीकरण या चिकित्सकीय स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के बगैर किसी को भी यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रियों का आगे बढ़ना मौसम की स्थितियों पर निर्भर करेगा। जोरा के अनुसार, अमरनाथ यात्रा के लिए 3.65 लाख तीर्थयात्री अबतक पंजीकरण करा चुके हैं। मौसम के अनिश्चित हालात के बावजूद हर आयुवर्ग के तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है।
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दिल्ली की रूपा शर्मा ने कहा कि मैं पहली बार इस तीर्थयात्रा पर जा रही हूं। मैं बहुत रोमांचित हूं। हमने सुना है कि गुफा और गुफा मार्ग अभी भी बर्फ से ढके हैं। यह बहुत ही रोचक होगा। श्रद्धा और कश्मीर घाटी में शांति के कारण प्रत्येक वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। तीर्थयात्रा दो अगस्त तक जारी रहेगी।

समुद्र के सतह से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए दो मार्ग हैं। एक मार्ग श्रीनगर से लगभग 100 किलोमीटर दूर पहलगाम से है, और दूसरा श्रीनगर से 110 किलोमीटर दूर बालटाल से है।

पहलगाम से गुफा का मार्ग पारंपरिक है और यह 45 किलोमीटर लंबा है, लेकिन इन दिनों तीर्थयात्री बालटाल से जाने वाले मार्ग को वरीयता देते हैं, क्योंकि यह काफी छोटा है।

श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने शनिवार को कहा था कि अमरनाथ गुफा और मार्ग पर स्थित कई शिविर अभी भी बर्फ से ढके हुए हैं। जगह-जगह जमीन फिसलनभरी और कीचड़युक्त हो सकती है, जिसके कारण तीर्थयात्रियों को कठिनाई हो सकती है।


अमरनाथ गुफा में पवित्र बर्फ का शिवलिंग मौजूद होता है, जो स्वाभाविक रूप से निर्मित होता है। तीर्थयात्रियों के लिए यह मुख्य आकर्षण होता है। पिछले वर्ष पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 630,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ यात्रा में हिस्सा लिया था।
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