मोदी के साथ ओबामा भी करेंगे 'मन की बात'
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 25 जनवरी, रविवार को राजघाट से बाहर आएंगे तो दोनों हस्तियां कई अहम मुद्दों पर सहमति बना चुकी होंगी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ भारत यात्रा की शुरुआत करने वाले ओबामा राजघाट पर मोदी के साथ चलते-चलते अकेले में बातचीत (वॉक द टॉक) करेंगे। साथ ही आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम के तहत दोनों हस्तियां संयुक्त रूप से देशवासियों को संबोधित कर सकती हैं।
वहीं घने कोहरे को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान को दिल्ली के साथ-साथ जयपुर हवाई अड्डे पर भी उतारने की तैयारी की गई है। जहां तक ओबामा के आगरा स्थित ताजमहल के दीदार की बात है तो वह अपने हवाई जहाज एयरफोर्स वन से आगरा हवाई अड्डे पर उतरने के बाद वहां से हेलीकॉप्टर मरीन वन से ताजमहल की 10 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति 27 जनवरी को आगरा से ही स्वदेश रवाना हो जाएंगे। पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तरह ही अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भी वॉक द टॉक करेंगे। दोनों हस्तियों के बीच अकेले में बातचीत के लिए राजघाट को चुना गया है।
10 मिनट अकेले में करेंगे बातचीत
25 जनवरी को तड़के चार बजे के आसपास दिल्ली पहुंचने वाले ओबामा भारत दौरे की आधिकारिक शुरुआत राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने के साथ करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, ओबामा-मोदी के पास अकेले में बातचीत के लिए करीब 10 मिनट का समय होगा। इस दौरान दोनों हस्तियों के बीच कुछ गंभीर मसलों पर चर्चा संभव है।
मोदी ने इससे पहले चीनी राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे इसी अंदाज में बातचीत की थी। इस दौरान मोदी ने जिनपिंग के समक्ष चीनी सैनिकों की भारतीय सीमा में घुसपैठ का मामला उठाया था।
ओबामा की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के लिए कोहरा एक बड़ी समस्या है। कोहरे को देखते हुए जहां आपात स्थिति में ओबामा के विमान को जयपुर हवाई अड्डे पर भी उतारने की तैयारी की गई है, वहीं गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कोहरा छाए रहने के मद्देनजर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने खास इंतजाम किए हैं।
अमेरिकी खुफिया सेवा ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन का मुआयना करने के साथ ही राष्ट्रपति भवन से समारोह स्थल राजपथ स्थल का भी दौरा किया है। इस बीच अमेरिकी एजेंसी ने राष्ट्रपति के एट होम कार्यक्रम में मेहमानों की सूची छोटी करने का सुझाव दिया है। हालांकि भारत ने सूची छोटी करने से इनकार कर दिया है।