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फर्जी दस्तावेजों से बना है नामधारी का पासपोर्ट

Tue, 27 Nov 2012 12:35 PM IST
हल्द्वानी/ब्यूरो
हल्द्वानी/ब्यूरो Updated Tue, 27 Nov 2012 12:35 PM IST
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namdhari gave forged documents to made his passport

शराब कारोबारी पोंटी एवं हरदीप चड्डा हत्याकांड से सुर्खियों में आए सुखदेव सिंह नामधारी का पासपोर्ट भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बना है। पासपोर्ट के आवेदन में नामधारी ने अधिकांश सूचनाएं झूठी दी हैं। यह सनसनीखेज खुलासा बाजपुर के आरटीआई कार्यकर्ता चितरंजन सिंह की ओर से मांगी गई सूचना में हुआ है। उक्त सूचना 21 मई, 2012 को पासपोर्ट कार्यालय जालंधर ने दी है।

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नामधारी के खिलाफ उत्तराखंड में कई संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। नामधारी ने पंजाब के जालंधर में आठ मार्च, 2006 को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। आवेदन में नामधारी ने तमाम झूठी सूचनाएं और फर्जी शपथपत्र प्रस्तुत कर पासपोर्ट कार्यालय को गुमराह किया है। पासपोर्ट आवेदन फार्म के कालम नंबर 14 में नामधारी ने खुद को महज साक्षर बताया है, जबकि वह बाजपुर इंटर कॉलेज से 12वीं पास हैं।
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बाजपुर इंटर कॉलेज से निकाली गई टीसी में नामधारी 1984-85 में इंटर की परीक्षा पास की है। इसी तरह पासपोर्ट आवेदन में जन्मतिथि 16 फरवरी, 1964 अंकित है, जबकि इंटर की टीसी में जन्मतिथि 6 जनवरी, 1968 दर्ज है।
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आवेदन फार्म के कालम नंबर 15 में भी नामधारी ने सफेद झूठ बोला है। कालम नंबर 15 के मुताबिक नामधारी सरकारी, गैरसरकारी, राज्य एवं केंद्र सरकार से नामित किसी भी पद पर नहीं रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि नामधारी 1997-98 में मुडिया मनी बाजपुर से क्षेत्र पंचायत सदस्य और 2005 में मंडी समिति बाजपुर से सदस्य नामित रहा है।

कालम नंबर 20 के मुताबिक नामधारी के खिलाफ किसी तरह का कोई आपराधिक मामला विचाराधीन नहीं है। वास्तविकता इससे ठीक उलट है। उसके खिलाफ दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें बाजपुर थाने में संगीन अपराधों के 12 मुकदमे दर्ज हैं।


काशीपुर, रामपुर, हरिद्वार और रुद्रपुर में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में झूठे शपथपत्र और तथ्यों के आधार पर जारी हुआ नामधारी का पासपोर्ट निरस्त होने के साथ ही फार्म में गलत सूचनाएं देने के आरोप में उसको सजा भी हो सकती है।

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