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बढ़ सकती हैं आजम खां की मुश्किलें
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Sep 2013 12:05 AM IST
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मुजफ्फरनगर दंगा मामले में सियासतदानों की दखल को लेकर उठे सवाल उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खां की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण पर न्यायिक जांच कराने की मांग पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। साथ ही एक संप्रदाय के लोगों की तरफदारी करने के आरोप पर भी जवाब देने का निर्देश दिया है।
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सर्वोच्च अदालत ने सपा सरकार से कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। इस पर आपको अलग से जवाब देना चाहिए। अदालत इन आरोपों को नजरअंदाज नहीं कर सकती है।
चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रदेश सरकार को दंगा प्रभावित क्षेत्र पर रिपोर्ट देने के साथ अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा के उस आवेदन पर भी जवाब तलब किया, जिसमें राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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पीठ के समक्ष शर्मा ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर दंगा मामले में राज्य सरकार की भूमिका पक्षपाती रही है।
प्रदेश सरकार ने एक संप्रदाय के उन्मादी लोगों को पुलिस की हिरासत से उस समय छुड़वा दिया, जब दंगे की आग सुलगनी शुरू हुई थी।
शर्मा ने कहा कि मंत्री आजम खां पर मीडिया में चला स्टिंग ऑपरेशन इस बात की तस्दीक करता है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता भीम सिंह ने भी स्टिंग ऑपरेशन की सीडी के बारे में पीठ को बताया, जो कोर्ट के समक्ष एससीबीए ने पेश की थी।
वहीं राज्य सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह मुद्दा उठाया था। पीठ ने 17 अक्टूबर तक स्टिंग ऑपरेशन समेत अन्य मुद्दों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।