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'रेपिस्ट टेरेरिस्ट से भी ज्यादा खतरनाक'
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 23 Aug 2013 04:38 PM IST
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मुंबई में पत्रकार के साथ हुई गैंगरेप की वारदात के बाद लोगों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गुस्सा फूटने लगा है। जहां एक तरफ महाराष्ट्र में सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी गुस्सा फूट रहा है।
युवा सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए लगातार अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। एक तरफ युवा ट्विटर-फेसबुक पर जहां पुलिस की नाकाम कोशिशों पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस पर भी जमकर अपनी भड़ास निकाले रहे हैं।
कामिनी रूपानी (@kaminirupani) कहती हैं कि "ये सिर्फ एक केस नहीं है बल्कि रेप और शोषण की ये घटनाएं एक महामारी की तरह फैल रही हैं।"
इस मुद्दे पर जारा (@imzaara) लिखती हैं कि "मुंबई में इस तरह की घटना की उम्मीद नहीं थी। वहीं दिल्ली के नाट्यकर्मी अरविंद गौड़ (@arvindgaur) कहते हैं कि रेपिस्ट देश में टेरेरिस्ट से भी ज्यादा खतरनाक हैं।"
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गैंगरेप के आरोपियों को सड़क पर घुमाया जाए
वहीं निष्ठा यादव (@nishthaYadav) नाम की एक महिला पत्रकार ट्विटर पर इस घटना पर अपना अनुभव बताती है कि "जब मैं घटना स्थल पर गई तो वहां एक व्यक्ति कहता है कि इस लड़की को औकात दिखा दी।"
इसी मसले पर मुंबई के फिल्म निर्देशक अशोक पंडित (@ashokpandit) ने ट्विटर पर कहा कि उस प्रदेश में महिलाएं कैसे सुरक्षित रह सकती हैं जहां नेता खुद महिलाओं के संग अभद्र व्यवहार करते हों।
मुंबई गैंगरेप: एक आरोपी गिरफ्तार 4 अब भी फरार
ट्विटर के साथ फेसबुक पर भी लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। फेसबुक पर पृथक बटोही कहते हैं कि हमारे देश में महिलाओं का क्या दर्जा था और आज ये कहां पहुंच गया है।
वहीं फेसबुक पर किशोर बर्थवाल लिखते हैं कि कांग्रेस शासित राज्यों में लगातार हो रही घटनाओं पर यूपीए की चैयरपर्सन सोनिया गांधी महिला होते हुए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्यों में कोई सख्त कदम उठाने के निर्देश देती हैं।
इस तरह के हजारों ट्विट और पोस्ट हैं जो इस घटना के बाद से पुलिस और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना है कि कहीं दिल्ली गैंगरेप की तरह ये मुद्दा महाराष्ट्र कांग्रेस के लिए फांस न बन जाए।
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युवा सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए लगातार अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। एक तरफ युवा ट्विटर-फेसबुक पर जहां पुलिस की नाकाम कोशिशों पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस पर भी जमकर अपनी भड़ास निकाले रहे हैं।
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कामिनी रूपानी (@kaminirupani) कहती हैं कि "ये सिर्फ एक केस नहीं है बल्कि रेप और शोषण की ये घटनाएं एक महामारी की तरह फैल रही हैं।"
इस मुद्दे पर जारा (@imzaara) लिखती हैं कि "मुंबई में इस तरह की घटना की उम्मीद नहीं थी। वहीं दिल्ली के नाट्यकर्मी अरविंद गौड़ (@arvindgaur) कहते हैं कि रेपिस्ट देश में टेरेरिस्ट से भी ज्यादा खतरनाक हैं।"
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गैंगरेप के आरोपियों को सड़क पर घुमाया जाए
वहीं निष्ठा यादव (@nishthaYadav) नाम की एक महिला पत्रकार ट्विटर पर इस घटना पर अपना अनुभव बताती है कि "जब मैं घटना स्थल पर गई तो वहां एक व्यक्ति कहता है कि इस लड़की को औकात दिखा दी।"
इसी मसले पर मुंबई के फिल्म निर्देशक अशोक पंडित (@ashokpandit) ने ट्विटर पर कहा कि उस प्रदेश में महिलाएं कैसे सुरक्षित रह सकती हैं जहां नेता खुद महिलाओं के संग अभद्र व्यवहार करते हों।
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ट्विटर के साथ फेसबुक पर भी लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। फेसबुक पर पृथक बटोही कहते हैं कि हमारे देश में महिलाओं का क्या दर्जा था और आज ये कहां पहुंच गया है।
वहीं फेसबुक पर किशोर बर्थवाल लिखते हैं कि कांग्रेस शासित राज्यों में लगातार हो रही घटनाओं पर यूपीए की चैयरपर्सन सोनिया गांधी महिला होते हुए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्यों में कोई सख्त कदम उठाने के निर्देश देती हैं।
इस तरह के हजारों ट्विट और पोस्ट हैं जो इस घटना के बाद से पुलिस और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना है कि कहीं दिल्ली गैंगरेप की तरह ये मुद्दा महाराष्ट्र कांग्रेस के लिए फांस न बन जाए।