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मोदी के इस काम से सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल

Tue, 19 May 2015 11:32 AM IST
Updated Tue, 19 May 2015 11:32 AM IST
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modi govt play big game at petrol diesel price

लगातार दूसरे महीने तेल कीमतों में इजाफा होने से मोदी सरकार की होशियारी फसलों से तबाह हुए किसानों और आम जनता पर भारी पड़ने लगी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के दौरान सरकार ने तीन बार में पेट्रोल पर छह रुपये और डीजल पर 4.5 रुपये की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगा दी।

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इससे पिछले छह महीने में सरकारी खजाने में करीब 25 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। तेल के दाम कम थे तो लोगों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई लेकिन महीनेभर में पेट्रोल के दाम सात रुपये से ज्यादा बढ़ गए तो लोगों को अतिरिक्त शुल्क काटने लगा है।
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सरकार यह शुल्क खत्म कर दे तो इलाहाबाद में पेट्रोल की कीमतें 67 रुपये और डीजल की 53 रुपये के आसपास हो सकती हैं। सरकार अब तक इलाहाबादियों की जेब से करोड़ों रुपये अतिरिक्त उगाह चुकी है।

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मोदी सरकार ने किया असली खेल

modi govt play big game at petrol diesel price

तेल की कीमतों में बड़ा खेल है। जानकार बताते हैं कि तेल की कीमतों में 14.45 रुपये एक्साइज ड्यूटी, 2.5 रुपये आयात शुल्क, दो फीसदी डीलर्स कमीशन भी जुड़ा है। साथ ही यूपी में डीजल की कीमतों में 15 फीसदी और पेट्रोल में 26.55 फीसदी वैट भी लगता है।

कीमतों के बढ़ने के दौरान गोवा सरकार ने वैट की दरों में राहत दी थी। इससे पेट्रोल के दाम में करीब 11 रुपये की कमी हुई। सो, प्रदेश सरकार के हाथ में भी कीमतों को कम करने की तरकीब है लेकिन जनता जानती है कि असली खेल मोदी सरकार ने किया।

तेल कीमतें 115 डॉलर से घटकर 65 डॉलर के करीब पहुंची तो फुटकर में भी कीमतें धड़ाधड़ गिरने लगीं लेकिन केंद्र सरकार ने अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाकर खुशियों पर ग्रहण लगा दिया।

मोदी की होशियारी, किसानों पर भारी

modi govt play big game at petrol diesel price

नवंबर के आसपास पेट्रोल के फुटकर दाम 10 रुपये और डीजल के छह रुपये कम होने के मौके मिले तो सरकार ने दोनों तेलों पर 1.50 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त ड्यूटी लगा दी। दिसंबर में फिर 2.25 रुपये पेट्रोल और एक रुपये डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगी। बजट में फिर दो-दो रुपये की अतिरिक्त ड्यूटी लगा दी गई। पहले से ही कराह रहे किसानों को ट्रैक्टर से खेत की जुताई और डीजल पंपिंग सेट से सिंचाई के दौरान प्रति लीटर 4.50 रुपये ज्यादा रकम देना पड़ रही है।

‘कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी को हटाने जैसी जरूरत अभी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल कीमतों में गिरावट की संभावना है। जैसे ही दाम कम होंगे, जनता को उसका फायदा मिलेगा।’
-- केशव प्रसाद मौर्य, सांसद, फूलपुर

‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 112-115 डॉलर प्रति बैरल कीमत थे तो भाजपा ने दुष्प्रचार किया। एनडीए सरकार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम गिरे लेकिन केंद्र सरकार ने उस अनुपात में जनता को फायदा नहीं मिलने दिया। प्रधानमंत्री मोदी खुद के व्यावसायिक होने की बात कह रहे हैं। अब जनता को मोदी सरकार से जवाब मांगना चाहिए।’
-- अनुग्रह नारायण सिंह, एमएलए, कांग्रेस

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