सरकारी कर्मचारियों को सरकार ने किया मायूस, पढ़ें बुरी खबर
यह खबर सरकारी कर्मचारियों को मायूस कर सकती है। केंद्र ने साफ कर दिया है कि वह ड्यूटी अवधि में लचीलेपन का विकल्प देने का कोई प्रस्ताव नहीं ला जा रहा।
लोकसभा में केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है।
ऐसी खबरें थीं कि सरकार उन कर्मचारियों पर काम का बोझ घटाने के लिए प्रस्ताव ला सकती है, जो आधार आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू होने के बाद दफ्तरों में ज्यादा समय तक काम कर रहे हैं।
बायोमेट्रिक सिस्टम ने खड़ी की परेशानी
केंद्रीय कार्यालयों में काम के लिए सुबह नौ बजे से शाम 5.30 बजे तक का समय निर्धारित है लेकिन कुछ कर्मचारी देर तक काम करते हैं। कुछ सचिव स्तर के अधिकारी अपने निजी स्टाफ को रोटेशन के तहत जल्दी छुट्टी दे देते हैं। ये वो लोग होते हैं, जो वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देर शाम तक और सप्ताहांत में भी काम करते हैं।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी सिस्टम शुरू होने के बाद सितम्बर से अब तक काम के घंटों में 20 मिनट की वृद्धि देखने को मिली है। अक्सर जो कर्मचारी लेट आते थे अब शाम 5.30 बजे आठ घंटे पूरे हो जाने के बाद भी दफ्तर में रुकते हैं।
छठे वेतन आयोग ने उन महिला कर्मचारियों के लिए ड्यूटी अवधि में लचीलेपन की सिफारिश की थी जो हर हफ्ते के लिए निर्धारित 40 घंटे की सीमा को पूरा कर लेती हैं।