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मीनाक्षी लेखी ने खुद को बताया निर्दोष
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Sun, 01 Dec 2013 08:27 PM IST
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भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने यौन उत्पीड़न की शिकार तहलका पत्रिका की महिला पत्रकार की पहचान उजागर किए जाने के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग को अपना जवाब भेज दिया है।
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अपने जवाब में लेखी ने कहा है कि उन्होंने पीड़िता का नाम या उसकी पहचान उजागर नहीं की है। ऐसे में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 228 ए लगाए जाने की बात अनुचित है।
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लेखी ने आयोग की सदस्य शमीना शफीक को भेजे गए जवाब में कहा है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। बल्कि उनके ट्विटर अकाउंट का गलत इस्तेमाल हुआ और ऐसा होने के बाद भी कथित ट्वीट को तुरंत हटा लिया गया।
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आयोग ने उन्हें 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा था। आयोग ने कहा था कि यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़िता का नाम या उसकी पहचान उजागर करना धारा 228 ए के तहत दंडनीय है।
लेखी ने कहा है कि उनके ट्विटर अकाउंट का दुरुपयोग करके पीड़िता का नाम उजागर किए जाने के पहले से ही पीड़िता का नाम लोगों के बीच जाहिर था लेकिन इससे पूर्व इस मामले में आयोग ने किसी अन्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
पढ़े: पीड़ित पत्रकार की पहचान बता फंसी लेखी
उन्होंने जवाब देने के लिए मात्र 24 घंटे का समय दिए जाने पर भी आश्चर्य जताया।
आयोग ने शनिवार को लेखी से तहलका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली जूनियर महिला पत्रकार का उपनाम उजागर करने पर स्पष्टीकरण मांगा था और इसके लिए 24 घंटे का समय दिया गया था।
तहलका में काम करने वाली एक युवा महिला पत्रकार ने तेजपाल पर बीते महीने गोवा में हुए वार्षिक थिंक फेस्ट सम्मेलन के दौरान उसके साथ दो बार यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है।