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इस महिला IPS की निगरानी में हुई याकूब को फांसी

Thu, 30 Jul 2015 07:30 PM IST
Updated Thu, 30 Jul 2015 07:30 PM IST
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Meera Bolwanker did crucial role in death sentence process of yakub

याकूब मेमन को 30 जुलाई की सुबह फांसी पर लटका दिया गया। इसके साथ ही 1993 मुंबई बम धमाके में अहम भूमिका निभाने वाले याकूब की फांसी से पहले चल रही गहमागहमी थम गई। लेकिन याकूब की फांसी को लेकर जो तैयारियां की गई उनमें एक ऐसी महिला शख्स भी हैं जिसका सबसे अहम योगदान रहा। उनका नाम है मीरा बोरवणकर जो महाराष्ट्र की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कारागार) के पद पर नियुक्त हैं।

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उन्होंने फांसी के तारीख की घोषणा होने से लेकर याकूब को फांसी इस मामले पर अपनी पूरी नजर रखी। उन्होंने इस बात का भी ध्यान रखा कि इस दौरान किसी भी तरह का कोई विवाद पैदा न हो। मीरा उन छह अधिकारियों में भी शामिल थी जो याकूब को फांसी दिए जाने के दौरान जेल के अंदर मौजूद थे।

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पुलिस बल में महिलाओं का अधिकारी होना तो आम बात है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी महिला ने 300 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों वाले जांच दल का नेतृत्व किया। महाराष्ट्र की पहली महिला आईपीएस मीरा बोरवणकर एक ऐसी अधिकारी है जिन्हें उनके काम और उनके सख्त फैसलों के लिए जाना जाता है। मीरा महाराष्ट्र की पहिला महिला आईपीएक अधिकारी हैं जिन्होंने काफी कम समय में कई बड़े मुकाम हासिल किए और कई बड़े अपराधियों को जेल भी पहुंचाया।
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क्राइम ब्रांच की पहली कमिश्नर

Meera Bolwanker did crucial role in death sentence process of yakub

मुंबई क्राइम ब्रांच के इतिहास में मीरा ऐसी पहली महिला हैं जिनकी नियुक्ति बतौर पुलिस कमिश्नर हुई। इस वक्त मीरा पुणे के सीआईडी क्राइम ब्रांच में विशेष पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच को एक प्रमुख विभाग के रूप में जाना जाता है जो बड़े बड़े अपराधियों को रोकने और उनके मंसूबों को नाकाम करने में पूरी तरह से सक्षम है।

पंजाब के एक जिले फजिल्का में जन्म लेने वाली मीरा बोरवणकर ने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई डीसी मॉडल स्कूल से की। उनके पिता ओपी चड्ढा सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत थे और 1971 में हुए जंग तक वह फजिल्का में ही तैनात थे। मीरा का शुरू से ही पढ़ाई में काफी मन लगता था और अपनी रूचि के कारण ही उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में मास्टर की डिग्री पूरी की। उन्होंने अमेरिका के मिनेसोटा विश्वविद्यालय से कानून प्रवर्तन में नीति विश्लेषण की पढ़ाई भी की है।

1997 में उनकी सराहनीय सेवा के लिए उन्हें 'राष्ट्रपति सम्मान' से भी नवाजा गया। इससे अलावा उन्हें पुलिस मेडल से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने 1993-95 तक राज्य के अपराध जांच विभाग में काम किया। उन्होंने इस दौरान जिन मामलों की पड़ताल की उसमें से 'जलगांव सेक्स स्कैंडल' मामला सबसे महत्वपूर्ण रहा। इस मामले में उन्होंने सेक्स के धंधे में जबरन स्कूल और कॉलेज की लड़कियों को धकलने और उन्हें मजबूर करने वाले गिरोह का फंडाफोड़ किया था। इस मामले का फंडाफोड़ करने के लिए उनकी बहुत तारीफ हुई और उन्हें मीडिया में काफी सुर्खियां मिली।

किरण बेदी से मिली प्रेरणा

Meera Bolwanker did crucial role in death sentence process of yakub

आईपीएस अधिकारी बनने की प्रेरणा उन्हें देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी से मिली। पढ़ाई में तेज होने के कारण वह यह नहीं चाहती थीं कि उनकी शादी के बाद वह घर पर बैठें और उनकी अबतक की मेहनत बर्बाद हो जाए इसलिए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी और पास भी हो गईं।

उनकी प्रारंभिक ट्रेनिंग एसवीपी राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में हुई। 1981 में वह महाराष्ट्र की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन गईं। 1987-91 तक उन्होंने बतौर मुंबई डिप्टी कमिश्नर के रूप में अपने कार्यों का संवहन किया जिसके बाद उन्हें राज्य के सीआईडी ब्रांच में भेज दिया गया। 1993-95 के बीच उन्होंने सीआईडी को अपनी सेवा दी।

उन्होंने मुंबई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की आर्थिक अपराध शाखा के साथ काम किया और बाद में नई दिल्ली में सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के डीआईजी पद पर तैनात की गईं। उनकी शादी अभय बोरवणकर से हुई, जिन्होंने हाल ही में भारतीय प्रशासनिक सेवा छोड़कर फूड-प्रोसेसिंग का व्यापार शुरू किया था। उनके दो बच्चे हैं और वह अपने परिवार के साथ पुने में रहती हैं।

बॉलीवुड में बनी फिल्में

Meera Bolwanker did crucial role in death sentence process of yakub

उन्होंने अपराधी अबु सलेम और उसकी प्रेमिका मोनिका बेदी का पुर्तगाल से, इकबाल मिर्ची और तारिक परविन का दुबई से और शर्मिला शानबाग का जर्मनी से प्रत्यर्पण कराने में अहम भूमिका निभाई। ये सभी मामले वहीं देख रही थीं। हाल ही में याकूब मेमन को फांसी की सजा के दौरान जेल की सुरक्षा और फांसी की तैयारियों का मीरा बोरवणकर ने जायजा लिया था।

मीरा के ऊपर बॉलीवुड में कई फिल्म भी बन चुकी हैं जिनमें हाल ही के दिनों में आई रानी मुखर्जी अभिनीत 'मर्दानी' फिल्म प्रमुख है। इस फिल्म में एक महिला आईपीएस अधिकारी कैसे एक सेक्स रैकेट का फंडाफोड़ करती है वह दिखाया गया है। इस फिल्म की काफी सराहना भी हुई थी।

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