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'भूतों से डर लगता है, तालिबान से नहीं'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 21 Oct 2013 03:45 PM IST
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स्कूल जाने के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाली इस मासूम लड़की में गजब का हौसला है। उसने साफ कर दिया है कि उसे तालिबान की ताजा धमकियों से जरा डर नहीं लगता।
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अपने हौसले से तालिबान को मुंहतोड़ जवाब देने वाली पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई ने एक भारतीय चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें "भूतों से डर लगता है, तालिबान से नहीं।"
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मलाला की उम्र सिर्फ 16 साल है, लेकिन वह अपनी उम्र से कहीं ज्यादा बहादुर और समझदार हैं। दुनिया भर के नेताओं और महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों के लिए मलाल प्रेरणा का काम करती हैं, लेकिन वह खुद को आम किशोरी की तरह देखती हैं।
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उन्होंने कहा कि उनकी दुनिया भले बदल गई हो, लेकिन वह नहीं बदलीं। बिलकुल करीब से गोली मारे जाने की घटना याद करते हुए मलाला ने कहा कि बर्मिंघम के अस्पताल में जब उन्हें होश आया, तो उन्होंने सबसे पहले यह सोचा कि इस इलाज के लिए वह या उनका परिवार पैसे कहां से जुटाएगा।
तालिबान ने कहा है कि वह मलाला को दोबारा निशाना बनाएगा, लेकिन उन्हें जरा डर नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं शायद भूतों से डरती हूं, लेकिन तालिबान से मैं कभी नहीं डरी।"