प्रभु के रेल बजट में मोदी के डिजिटल इंडिया का असर
सुरेश प्रभु के रेल बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया की झलक साफ देखने को मिली। रेल मंत्री ने बताया कि 100 स्टेशनों पर वाई-फाई सेवा शुरू की गई है। अगले दो साल में 400 स्टेशनों पर वाई-फाई शुरू करने की योजना है। गूगल के साथ मिलकर इसे कार्यान्वित किया जाएगा।
400 स्टेशनों को सार्वजानिक निजी भागीदारी के जरिए आधुनिक बनाया जा सकेगा। सभी प्रकार की खरीद ई-प्लेटफॉर्म पर की जा रही है। पहले जिस खरीद दो साल का समय लगता था, अब वहीं काम 6 महीने में हो जा रहा है।
डिजिटल इंडिया मिशन के तहत इस साल ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम की शुरुआत की है। इसमें एसएमएस, ई-मेल के जरिए अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। बजट में मिशन रफ्तार के तहत मालगाड़ियों की औसत रफ्तार दोगुनी करने, मिशन शतक के तहत 2 साल में 100 साइडिंगों को चालू करने का लक्ष्य तय किया गया है।
रेलवे के लिए शोध और विकास संगठन ‘श्रेष्ठ’ का गठन
मिशन निदेशक रेलवे बोर्ड अध्यक्ष को रिपोर्ट करेगा, मिशन 25 टन, मिशन जीरो दुर्घटना, मिशन पेस की शुरुआत होगी। नवरचना में सहायता के लिए कर्मचारियों, स्टार्टअप्स, प्रगतिपरक छोटे व्यापारियों के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रेलवे के लिए शोध और विकास संगठन ‘श्रेष्ठ’ के गठन का प्रस्ताव किया है। डाटा विश्लेषण के लिए स्पेशल यूनिट फॉर ट्रांसपोर्टेशन रिसर्च एंड एनॉलिटिक्स (SUTRA) के गठन का प्रस्ताव किया गया।
मनोरंजन के लिए ट्रेनों में एफएम रेडियो स्टेशनों को आमंत्रित करने का प्रस्ताव किया गया है। 2,000 स्टेशनों पर रेल डिस्प्ले नेटवर्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे यात्रियों को रियल टाइम सूचना मिलेगी।