फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   liyakat ali shah get bail

संदिग्ध हिजबुल आंतकी लियाकत जमानत पर रिहा

Fri, 17 May 2013 05:38 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 17 May 2013 05:38 PM IST
विज्ञापन
liyakat ali shah get bail

दिल्ली में आतंकी हमला करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध हिजबुल आतंकवादी लियाकत शाह को आज यहां की विशेष एनआईए अदालत ने जमानत दे दी।

विज्ञापन


जिला जज ने 20,000 रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत देने पर लियाकत को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

लियाकत को कोर्ट ने कई शर्तों के आधार पर जमानत दी है। बिना कोर्ट की अनुमति के लियाकत देश छोड़ कर नहीं जा सकेंगे।

45 साल के लियाकत को भारत और नेपाल की सीमा पार करते समय गोरखपुर में गिरफ्तार किया गया था। लियाकत का कहना था कि वह जम्मू कश्मीर की पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने के लिए आया था।
विज्ञापन


गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने लियाकत पर आरोप लगाया था कि वह देश की राजधानी में होली से पहले आतंकवादी हमले की साजिश में शामिल था।

लियाकत के वकील आसिम अली ने कोर्ट में कहा था कि उनके मुवक्किल की निशानदेही पर जामा मस्जिद इलाके से हथियार और गोला बारूद बरामद नहीं किए गए थे, जैसा कि विशेष शाखा ने आरोप लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लियाकत के वकील ने अदालत को यह भी बताया कि उनके मुवक्किल अपनी पत्नी और बच्चों के साथ थे जिस समय उन्हें गिरफ्तार किया गया और जांच एजेंसी किसी भी अपराध के साथ उनका संबंध स्थापित करने में विफल रही है।

दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि लियाकत की गिरफ्तारी के साथ उसने होली से पूर्व राष्ट्रीय राजधानी में फिदायीन हमले की साजिश को नाकाम कर दिया।

लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना था कि लियाकत उन लोगों में से एक था जो 1990 में सीमा पार कर चला गया था और अब राज्य की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने के लिए भारत लौटा था।


दिल्ली और जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से गिरफ्तारी को लेकर विरोधाभाषी बयान आने के बाद गृह मंत्रालय ने 28 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर यह मामला एनआईए को सौंप दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed