45 मिनट में हवाई जहाज से पहुंचा दिल, मिली नई जिंदगी
यूं तो आपने अंगदान के बारे में पहले भी बहुत सुना होगा, लेकिन इस बार एक ढाई साल के बच्चे ने अपना दिल दान किया है। इस दिल को हवाई जहाज से बंगलुरु के मणीपाल अस्पताल से चेन्नई के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया।
इस बच्चे को शुक्रवार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद उसके माता-पिता ने बच्चे के अंग दान करने का फैसला किया।
माता-पिता के इस फैसले से एक जरूरतमंद बच्चे को जीवन मिल गया। इस दिल को चेन्नई के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती के बच्चे में ट्रांसप्लांट किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने बनाया एंबुलेंस के लिए रास्ता
डोनेट किए गए इस दिल के लिए पुलिस ने अस्पताल से लेकर एचएएल एयरपोर्ट तक का पूरा ट्रैफिक रोक दिया, ताकि एंबुलेंस आसानी से वहां पर पहुंच सके।
बेंगलुरु के अस्पताल से चेन्नई के फोर्टिस अस्पताल तक इस दिल को ले जाने में सिर्फ 45 मिनट का समय लगा। यह दिल रूस मूल के एक बच्चे को दिया गया।
रूस मूल के इस बच्चे को दिल की बीमारी (डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी) के कारण चेन्नई के फोर्टिस मलार अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यहां दूसरी बार हुआ है ऐसा
यह दूसरी बार है जब किसी का दिन बंगलुरु से चेन्नई भेजा गया है। 3 सितंबर को भी एक 30 वर्षीय महिला का दिल बंगलुरु से चेन्नई भेजा गया था, जो एक 40 वर्षीय पुरुष को ट्रांसप्लांट किया गया था।
फोर्टिस के फैसिलिटी डायरेक्टर हरीश मनियन का कहना है कि पिछली बार इस काम में 2 घंटे का समय लगा था, लेकिन इस बार सिर्फ 45 मिनट में ही दिल बंगलुरु से चेन्नई ले आया गया।
ढाई साल के बच्चे के इस दिल को बंगलुरु से चेन्नई जल्दी से जल्दी लाया जा सके, इसके लिए फोर्टिस अस्पताल ने एक चार्टर्ड प्लेन की व्यवस्था की थी।
साथ ही, पुलिस की सहायता से चेन्नई एयरपोर्ट से फोर्टिस अस्पताल की 12 किलोमीटर की दूरी को मात्र 8 मिनट में पूरा किया जा सका।