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लालकृष्ण आडवाणी ने ब्लॉग में उड़ेला अपना 'दर्द'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2013 08:32 PM IST
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भाजपा में नरेंद्र मोदी पर जारी घमासान के बीच ‘अस्वस्थ’ लालकृष्ण आडवाणी ने अपने नियमित ब्लॉग में महाभारत के प्रसंगों की चर्चा की है।
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माना जा रहा है कि इस ब्लॉग के माध्यम से पार्टी में जिन्ना विवाद के बाद दूसरी बार अलग-थलग पड़े आडवाणी ने अपनी वर्तमान व्यथा का इशारों में वर्णन किया है।
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ब्लॉग में अपने निवास में स्थापित कलाकृतियों के बहाने द्रोपदी चीर हरण, वाणशैय्या पर लेटे भीष्म पितामह का पांडवों को उपदेश, कुरुक्षेत्र में अर्जुन को कृष्ण का दिया गया विश्वरूप के दर्शन का जिक्र है।
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कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं इसके माध्यम से आडवाणी ने खुद की तुलना वाणशैय्या पर बैठे भीष्म पितामह से तो नहीं की है। हालांकि पूरे ब्लॉग में आडवाणी ने वर्तमान विवादों का रत्ती भर भी सीधा उल्लेख नहीं किया है।
मोदी पर पार्टी में जारी बवाल के कारण आडवाणी के रविवार के नियमित ब्लॉग पर सभी की निगाहें थी। सभी की दिलचस्पी इस विवाद पर आडवाणी का रुख जानने की थी।
मगर पूरे ब्लॉग में उन्होंने न तो अपने अस्वस्थ होने की चर्चा की और न ही इस विवाद पर कोई सीधी टिप्पणी ही की।
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हालांकि, इशारों में ही महाभारत के प्रसंगों का जिक्र कर अपनी भावनाओं और अपनी वर्तमान स्थिति का जिक्र जरूर कर दिया।
दो हिस्सों में लिखे गए इस ब्लॉग के पहले हिस्से में महाभारत के प्रसंगों का जिक्र है, तो दूसरे हिस्से में कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' की तारीफ।
पृथ्वीराज रोड स्थित अपने निवास में मौजूद कलाकृतियों का जिक्र करते हुए आडवाणी ने लिखा है हमारे घर में श्रीकृष्ण की एक बेमिसाल मूर्ति है। इसमें श्रीकृष्ण कुरुक्षेत्र में अर्जुन को अपने विश्वरूप का दर्शन देते हुए गीता का ज्ञान दे रहे हैं।
इस मूर्ति की नक्काशी की खास बात यह है कि इसके पिछले हिस्से में द्रोपदी चीरहरण, वाणों की शैय्या पर लेटे भीष्म पितामह का पांडवों को उपदेश का जिक्र है।