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इरोम शर्मीला को रिहा किया जाएः कोर्ट

Tue, 19 Aug 2014 04:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 19 Aug 2014 04:25 PM IST
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irom sharmila to be freed says a manipur court

मणिपुर कोर्ट ने पिछले 14 सालों से अनशन पर बैठी सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मीला को रिहा करने का आदेश दिया है।

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मंगलवार को शर्मीला के खिलाफ 2012 में दायर आत्महत्या के प्रयास के मामले के सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इरोम शर्मीला के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का कोई आधार नहीं है अतः उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

गौरतलब है कि शर्मीला आर्म्ड फोर्स स्पेशल पॉवर एक्ट (AFSPA) के खिलाफ नवंबर 2000 से भूख हड़ताल पर हैं।

वे अफ्सा के खिलाफ इस बात को लेकर हड़ताल कर रही हैं कि इस कानून का सुरक्षा बल दुरुपयोग करते हैं और किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार कर प्रताड़ित करते हैं। उनका आरोप है कि सुरक्षा बल निर्दोष लोगों को इस कानून के जरिये परेशान करते हैं।
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निर्दोषों की हत्या के खिलाफ आवाज

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 2000 में मणिपुर में सुरक्षा बलों ने कथित रूप से 14 लोगों को गोली मार दी थी जिसे लेकर इरोम अफ्सा के खिलाफ अनश्‍ान पर बैठ गईं थीं।

रिपोर्ट के अनुसार शर्मीला जब गिरफ्तार की गई तब वह 27 साल की थीं और 14 वर्ष लंबे अनशन के बाद 42 साल की हो गई हैं।

गौरतलब है कि इरोम पिछले 14 सालों से हिरासत में थीं और अन्न जल का त्याग किया हुआ था। उन्हें हिरासत में जीवित रखने के लिए डॉक्टर ने स्वासनली के माध्यम से तरल भोजन देते रहे हैं।

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भूखे रहने का वर्ल्ड रिकॉर्ड

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इरोम शर्मीला ने अब सबसे ज्यादा दिन तक भूखे रहने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है। इससे पहले 14 साल की भूख हड़ताल किसी ने नहीं की है।

अपनी इस हड़ताल के दौरान शर्मीला को कई बार रिहा किया गया और कई बार गिरफ्तार किया गया है।

हालांकि 2014 के लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने उन्हें टिकट भी देने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने राजनीतिक दलों की मांग ठुकराई और चुनाव लड़ने से मना ‌कर दिया था।

बताया जा रहा है उन्होंने राजनीतिक दलों ऑफर को यह कह कर ठुकरा दिया वह राजनेता बनने के बजाए सामाजिक कार्यकर्ता ही बनीं रहना चाहती हैं।

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