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'बाहरी लोगों के लिए असंभव है संघ का काम-काज जानना'
एजेंसी / नागपुर
Updated Fri, 18 Dec 2015 06:21 AM IST
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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि बाहर के लोगों के लिए उनके संगठन के कामकाज को समझना एक तरह से असंभव है। दिवंगत संघ नेता त्रियंबक
पत्रिकार के 100वें जन्म दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि संघ का काम एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है और बाहर रहकर कोई इसको नहीं समझ
सकता। इसके कामकाज को समझने के लिए भाषणों को सुनना या साहित्य को पढ़ना पर्याप्त नहीं है। नि:स्वार्थ सेवा की लगातार कोशिश और आचरण निर्माण इसका गुण है।
उन्होंने कहा कि महान हस्तियों के जन्म और पुण्य तिथि को मनाने के बजाय लोगों को उनके कदमों का अनुसरण करना चाहिए। संघ के दिग्गज नेता पत्रिकार से अपने संबंधों को
याद करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि उन्होंने ने ही उनको संघ से जोड़ा।
पत्रिकार के 100वें जन्म दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि संघ का काम एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है और बाहर रहकर कोई इसको नहीं समझ
सकता। इसके कामकाज को समझने के लिए भाषणों को सुनना या साहित्य को पढ़ना पर्याप्त नहीं है। नि:स्वार्थ सेवा की लगातार कोशिश और आचरण निर्माण इसका गुण है।
उन्होंने कहा कि महान हस्तियों के जन्म और पुण्य तिथि को मनाने के बजाय लोगों को उनके कदमों का अनुसरण करना चाहिए। संघ के दिग्गज नेता पत्रिकार से अपने संबंधों को
याद करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि उन्होंने ने ही उनको संघ से जोड़ा।