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काट नहीं सकती, तो मैं फुफकारूंगी: ममता
कोलकाता/एजेंसी
Updated Sat, 22 Sep 2012 11:54 PM IST
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यूपीए सरकार से अपने छह मंत्रियों के इस्तीफे के बाद तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र को फिर चेताया है कि वह निश्चिंत न हो जाए। ममता ने कहा है कि जनहित के मुद्दों पर अगर में काट नहीं सकी, तो भी फुफकारूंगी जरूर।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस से जुड़ी एक किंवदंती का जिक्र किया कि उन्होंने एक बार एक सांप को समझाया था कि उसे लोगों को काटना नहीं चाहिए क्योंकि लोगों को डराने के लिए उसकी फुफकार ही काफी है। एक सरकारी परियोजना के कार्यक्रम में ममता ने कहा, ‘यदि मैं काट नहीं सकती, तब भी फुफकार जरूर सकती हूं।
अगर लोगों के हितों पर आंच आएगी तो मैं फुफकारूंगी। हम मां माटी मानुष के आगे तो सिर झुकाएंगे लेकिन सत्ता की हेकड़ी के आगे नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘हम भले ही गरीब हैं, लेकिन हमारा सम्मान है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वेसर्वा है। बंगाल जो आज सोचता है, दुनिया वह अगले दिन सोचती है।’
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उन्होंने स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस से जुड़ी एक किंवदंती का जिक्र किया कि उन्होंने एक बार एक सांप को समझाया था कि उसे लोगों को काटना नहीं चाहिए क्योंकि लोगों को डराने के लिए उसकी फुफकार ही काफी है। एक सरकारी परियोजना के कार्यक्रम में ममता ने कहा, ‘यदि मैं काट नहीं सकती, तब भी फुफकार जरूर सकती हूं।
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अगर लोगों के हितों पर आंच आएगी तो मैं फुफकारूंगी। हम मां माटी मानुष के आगे तो सिर झुकाएंगे लेकिन सत्ता की हेकड़ी के आगे नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘हम भले ही गरीब हैं, लेकिन हमारा सम्मान है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वेसर्वा है। बंगाल जो आज सोचता है, दुनिया वह अगले दिन सोचती है।’
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