फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   how cash subsidy will be given in UP

यूपी में आधार कार्ड ही नहीं, कैसे देंगे कैश सब्सिडी

Tue, 27 Nov 2012 10:47 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 27 Nov 2012 10:47 AM IST
विज्ञापन
how cash subsidy will be given in UP
केंद्र सरकार एक जनवरी से कैश सब्सिडी देने की योजना बना रही है। इसके तहत पेंशन, छात्रवृत्ति सहित गैस सब्सिडी सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। लेकिन उत्तर प्रदेश में यह कैश सब्सिडी का सपना अभी दूर की कौड़ी है।
विज्ञापन


दरअसल जिस आधार कार्ड के जरिए खुले बैंक खातों में यह रकम दी जानी हैं, वह कार्ड उत्तर प्रदेश में महज पांच फीसद ही बन पाए हैं। प्रदेश के कई जिलों में कार्ड बनने का काम बस शुरू होकर बंद हो गया।
विज्ञापन


पिछले एक साल से किसी जिले में आधार कार्ड नहीं बन रहे। ऐसे में प्रदेश में कैश सब्सिडी देने की योजना कैसे पूरी होगी यह अंदाजा लगाना मुश्किल है।


गौरतलब है कि कैश सब्सिडी की योजना पहले चरण में देश के 51 जिलों में इसे शुरू की जाएगी, लेकिन दिसंबर तक देश भर में लागू किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में आधार परियोजना का अभी तक पहला चरण पूरा हुआ है और साल भर से विभिन्न कारणों से यह परियोजना रुकी हुई है।

प्रदेश की लगभग 20 करोड़ आबादी में 98,72,048 कार्ड ही बने हैं जो कुल आबादी का सिर्फ पांच फीसदी है। जबकि देश की सवा सौ करोड़ आबादी में अभी तक कुल 20,77,45,006 कार्ड ही बनाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



इसलिए नहीं बन रहे कार्ड
भारतीय नागरिकों की विशिष्ट पहचान के उद्देश्य से गठित भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) को पहले चरण में देश में 20 करोड़ निवासियों का आधार कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था। वित्तीय वर्ष 2011-12 में यह लक्ष्य पूरा हो गया। लेकिन इस परियोजना को लेकर सुरक्षा कारणों से सवाल उठाए जाने लगे।


परियोजना का बजट आवंटन भी रोक दिया। साथ ही विदेशी सीमा से लगने वाले राज्यों में कार्ड बनाने का काम रोक दिया जाए। प्रदेश की सीमा नेपाल से लगने के कारण यहां भी काम रुका हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed