हिंदू लड़की ने की मुस्लिम युवक से शादी, मचा बवाल
मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक हिंदू लड़की ने एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली, लेकिन प्रशासन ने इस शादी को अवैध ठहरा दिया। बजरंग दल के भारी विरोध और इस शादी को 'लव-जिहाद' का मामला बताए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए इस शादी को वैध मानने से इनकार कर दिया है।
करीब 11 दिन पहले लड़की के माता-पिता ने अपनी लड़की के गायब होने की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद उनकी 19 वर्षीय लड़की शनिवार को शहर के कोतवाली पुलिस थाने में कुछ दस्तावेजों के साथ पहुंची। ये दस्तावेज बता रहे थे कि उसने इस्लाम कबूल कर तौहीद खान नाम के मुस्लिम युवक से शादी कर ली है।
पुलिस को अपने बालिग होने का सबूत सौंपते हुए बी. कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा ने बताया कि वो तौहीद से प्यार करती थी। लड़की ने बताया कि उसने अपनी इच्छा से तौहीद से शादी की है और जैसा कि आरोप लगाया जा रहा है कि उसका अपहरण किया गया था ऐसा बिल्कुल भी सही नहीं है।
पुलिस से यह जानकारी पाने के बाद लड़की के परिजनों ने बजरंग दल के स्वयं सेवियों को सतर्क कर दिया। बजरंग दल की ही मदद से लड़की के परिजनों ने उसको ढूंढने की कोशिश की थी। तौहीद का बड़ा भाई अहमदुल्ला और उसकी पत्नी लड़की को लेने के लिए स्टेशन पहुंचे थे।
परिजनों के साथ जाने से लड़की ने किया इनकार
लड़की ने अपने परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया और कहा कि वो तौहीद के साथ जाना चाहती है। तौहीद एक मैकेनिक है। कोतवाली पुलिस थाने के इंचार्ज सतीश चतुर्वेदी ने बताया कि 27 दिसंबर की दर्ज तारीख वाला जो हलफनामा लड़की ने पेश किया है उसे सही नहीं माना जा सकता है क्योंकि धर्मांतरण के लिए जो प्रक्रिया जरूरी है उसका पालन लड़की ने नहीं किया है।
इसके बाद लड़की को उप-प्रभागीय मजिस्ट्रेट (लशकर) महीप तेजस्वी के सामने पेश किया गया। लड़की के परिजनों संग जाने के इनकार के बाद प्रशासन ने उसे नारी निकेतन भेजने की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि वह अपनी एक महिला परिजन के साथ रहने को तैयार हो गई जो परिवार से अलग रहती थी।
एसडीएम ने बताया कि उसने लड़की से कहा था कि वो मजिस्ट्रेट के सामने पेश हो, लेकिन जब वो ग्वालियर के अपने एक अन्य परिजन के साथ रहने को राजी हो गई तो इसकी जरूरत नहीं रह गई। उन्होंने बताया कि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं।
वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने का घेराव किया और थाना इंचार्ज चतुर्वेदी के साथ झड़प भी की। चतुर्वेदी ने उन कार्यकर्ताओं को वहां से जाने को कहा क्योंकि वह उनकी उपस्थिति में लड़की से बात नहीं करना चाहते थे।