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घेरो, खदेड़ो और विकास करो की नीति पर काम करेगी सरकार

Fri, 06 Jun 2014 11:18 PM IST
Updated Fri, 06 Jun 2014 11:18 PM IST
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government works on new policy for naxal area

केंद्र की नई सरकार आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बन चुके नक्सल समस्या से निपटने के लिए अब नई रणनीति बनाएगी। इस नई रणनीति के तहत अब नक्सलियों को पहले उनके गढ़ों में घेर कर खदेड़ा जाएगा, फिर प्रभावित इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित बनाकर विकास की योजनाओं को युद्धस्तर पर अमली जामा पहनाया जाएगा।

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इतना ही नहीं नई सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों और जवानों को समय से पहले पदोन्नति के साथ ही निश्चित प्रोत्साहन राशि भी मुहैया कराएगी।
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शुक्रवार को इस समस्या पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह की ओर से बुलाई गई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में नक्सल समस्या पर गहन मंथन हुआ। बैठक में नक्सलियों से निपटने की नई रणनीति बनाने पर सहमति बनी।

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नक्सलियों को उनके घर में जाएगा घेरा

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विपक्ष में रहते भाजपा तत्कालीन यूपीए सरकार की नक्सलियों से निपटने की नीति की लगातार आलोचना करती रही थी। पार्टी अरसे से इसे राष्ट्रीय समस्या मानकर नक्सलियों के खिलाफ प्रभावित राज्यों और केंद्र की मदद से सामूहिक अभियान छेड़ने की भी मांग करती रही है।

गृह मंत्रालय में करीब दो घंटे चली बैठक के दौरान नक्सलियों ने निपटने की रणनीति में आमूलचूल बदलाव करने पर सहमति बनी है। सूत्रों के मुताबिक अब नक्सलियों को उनके गढ़ में घेर कर खदेड़ा जाएगा।

इसके बाद प्रभावित इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के बाद वहां प्राथमिकता के आधार पर द्विस्तरीय विकास कार्य किए जाएंगे। मसलन पूर्ण रूप से सुरक्षित होने के बाद संबंधित इलाके में सड़कों का जाल बिछाने के साथ ही संचार व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। इसके बाद अन्य विकास योजनाएं चलाकर प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार के प्रबंध किए जाएंगे।

‌अधिकारियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

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सूत्रों के मुताबिक बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जाने में अधिकारियों की आनाकानी के बढ़ते मामलों पर भी चर्चा हुई। इसके बाद तय किया गया कि ऐसे इलाकों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों तथा सुरक्षा एजेंसियों से जुडे़ कर्मियों को समय से पहले पदोन्नति दी जाएगी।

नई नीति के तहत ऐसे कर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में तैनाती के दौरान जहां विशेष सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, वहीं एक निश्चित समय के बाद प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। बैठक में मंत्रालय के नक्सल प्रबंधन विभाग का नाम बदलने का भी फैसला हुआ।

अब इस विभाग को लेफ्ट विंग एक्ट्रिमिशन के रूप में जाना जाएगा। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस संबंध में नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ बैठक कर इस समस्या से निपटने की नई रणनीति को और कारगर बनाएंगे।

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