सिंहस्थ कुंभ: हर घंटे बदल जाएगा कुशावर्त कुंड का पानी
सिंहस्थ कुंभ स्नान के दौरान नासिक के त्र्यंबकेश्वर (कुशावर्त) कुंड में हर घंटे पानी स्वच्छ होता रहेगा। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने ऐसी मशीन लगाई है जो हर घंटे पानी को स्वच्छ कर देगी।
हर घंटे करीब एक लाख लीटर पानी को स्वच्छ करने के लिए ढाई करोड़ की यह मशीन लगाई गई है। इसके माध्यम से मानक के अनुरूप 3.0 मिलीग्राम/लीटर बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सकेगा।
नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए बीते 14 जुलाई को ही पुरोहित संघ का ध्वजारोहण हो चुका है। मेले में साधु-संतों और अखाड़ों का आना शुरू हो गया है।
अब आगामी 19 अगस्त को अखाड़ों की ओर से कुंभ का ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद नासिक के गोदावरी में और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड में कुंभ स्नान शुरू हो जाएगा।
मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। नासिक के पंचवटी में गोदावरी नदी के तट पर रामकुंड में वैष्णव अखाड़ों के साधु-संतों का स्नान होगा जबकि त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड में शैव अखाड़े के साधु-संत कुंभ स्नान करेंगे।
19 अगस्त कुशावर्त कुंड में शुरू होगा कुंभ स्नान
कुशावर्त कुंड में गंगासागर तलाब का पानी स्नान के लिए छोड़ा जाता है लेकिन यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने की वजह से पानी जल्द ही प्रदूषित हो जाता है।
अब तक ऐसा होने पर कुशावर्त कुंड का पानी बाहर फेंक दिया जाता था और उसमें फिर से साफ पानी भरा जाता था। लेकिन इस बार मशीन के जरिए हर घंटे एक लाख लीटर पानी का शुद्धीकरण किया जाएगा।
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य अभियंता देवेन्द्र लांडगे ने बताया कि जिस तरह स्वीमिंग पूल के जल के शुद्धीकरण की व्यवस्था होती है उसी तरह कुशावर्त कुंड के जल के शुद्धीकरण की व्यवस्था होगी। इससे श्रद्धालुओं को हमेशा स्नान के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध रहेगा।