फेफड़े से सेफ्टी पिन निकाल मासूम को दी नई जिंदगी
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी के डाक्टरों ने सात साल के मासूम के फेफड़े में फंसी सेफ्टी पिन को निकाल कर उसे नई जिंदगी दी है। डाक्टरों के मुताबिक पूरे बुंदेलखंड में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन हुआ है।
छोटी बड़ोनी दतिया निवासी संतोष के पुत्र दीपक ने कुछ दिनों पहले सेफ्टी पिन निगल ली थी, जो कि उसके दाहिने फेफड़े में फंस गई थी।
इसके बाद से उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। परिजनों ने जब नजदीक के ही चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने एक्सरे कराने की सलाह दी। एक्सरे के बाद दीपक के फेफड़े में पिन फंसी होने की जानकारी हुई तो डाक्टर ने परिजनों से दिल्ली ले जाकर बच्चे का इलाज कराने की सलाह दी, जिसका खर्च करीब एक लाख रुपये बताया गया।
पैसों की व्यवस्था न होने पर परिजनों ने शनिवार को दीपक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
महज 600-700 रुपए का खर्च
इसके बाद ईएनटी विभाग के सह आचार्य डा. सुशील कश्यप और एनेस्थीसिया विभाग के सहायक आचार्य डा. अंशुल जैन की टीम ने मंगलवार को दूरबीन विधि से उसका ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के बाद डाक्टरों ने बच्चे के फेफड़े में फंसी पिन बाहर निकाल ली।
इस पूरे ऑपरेशन में महज छह से सात सौ रुपये का खर्च आया।
डा. सुशील ने बताया कि इस तरह के ऑपरेशन में बहुत रिस्क होता है। पिन निकालते समय अगर खुल जाती तो मरीज की जान तक को खतरा हो सकता था।
वहीं, डा. अंशुल जैन ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान बेहोश मरीज को ऑक्सीजन देने वाला ट्यूब नहीं डाला जा सकता है। इसलिए मरीज को बीच-बीच में दूरबीन से ही ऑक्सीजन दी जाती रही। ऑपरेशन की सफलता पर प्राचार्य डा. एके मल्होत्रा ने टीम को बधाई दी है।