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'आरोपों से पीछे हटने के बावजूद रेप का केस खारिज नहीं'

Thu, 10 Jan 2013 08:19 PM IST
मदुरै/एजेंसी
मदुरै/एजेंसी Updated Thu, 10 Jan 2013 08:19 PM IST
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despite withdrawal of charges not dismissed rape case

मद्रास हाईकोर्ट ने बलात्कार के दो अलग-अलग मामलों में बृहस्पतिवार को अहम फैसले दिए। जस्टिस टी. सुधांतिरम ने एक फैसले में कहा कि रेप केस में पीड़िता के अपने आरोपों से पीछे हटने के बावजूद ऐसे मामलों को खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसे केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि राज्य के खिलाफ अपराध के तौर पर देखा जाना चाहिए।

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मदुरै पीठ ने एक अन्य मामले में कहा कि रेप के केस को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि एक किशोरी का बलात्कार करने वाले आरोपी की डीएनए टेस्ट रिपोर्ट में यह साबित हुआ है कि वह किशोरी के बच्चे का जैविक पिता नहीं है।
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पहले मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सौहार्दपूर्ण माहौल में मामला सुलझा लेने की बात कहते हुए केस खारिज करने की मांग की थी। जज सुधांतिरम ने पीड़िता और उसकी मौसी के उस लिखित बयान पर भी आश्चर्य जताया जिसमें उन्होंने कहा कि बलात्कार की घटना कभी हुई ही नहीं।
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खास बात यह है कि इन दोनों ने ही घटना की शिकायत दर्ज कराई थी। जज ने कहा कि या तो कथित घटना या शिकायतकर्ता का मौजूदा बयान झूठा हो सकता है। मगर इसमें से एक भी सच हुआ तो यह एक गंभीर मामला है। ऐसे में पीड़िता के अपने आरोपों से पीछे हटने के बावजूद इस मामले को खारिज नहीं किया जा सकता।

एक अन्य मामले में 14 साल की किशोरी से बलात्कार कर उसे गर्भवती करने के आरोपी की उस याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि दो बार अलग-अलग लैबोरेटरी में कराए गए डीएनए टेस्ट यह साबित करते हैं कि वह किशोरी के बच्चे का जैविक पिता नहीं है।


याचिका को खारिज करते हुए जज ने कहा कि मेडिकल सुबूत इस केस को खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। आपराधिक मामलों में मेडिकल सुबूत न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा होते हैं, लेकिन एकमात्र हिस्सा नहीं होते। ऐसे में इस केस को इतने शुरुआती स्तर पर खारिज नहीं किया जा सकता।

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