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महंगाई पर सीपीआई का भारत बंद 20 व 21 फरवरी को
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 16 Feb 2013 08:56 PM IST
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सरकार की गलत नीतियों से बढ़ रही खाद्य वस्तुओं की महंगाई के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने बजट सत्र से ठीक पहले दो दिवसीय भारत बंद का आह्वान किया है। सीपीआई नेता गुरुदास दासगुप्ता ने बताया कि 20 और 21 फरवरी को होने वाले भारत बंद का कई राज्यों व राजनीतिक दलों ने समर्थन किया है। पहली दफा होने वाले इस दो दिवसीय बंद में सभी ट्रेड और आफीसर्स यूनियंस शामिल हो रही हैं।
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उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार लगातार महंगाई बढ़ाने का काम कर रही है। इससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। पहले से चल रही महंगाई को नियंत्रित करने के बजाए सरकार ने पेट्रोल व डीजल के दामों में पुन: बढ़ोतरी करके महंगाई की आग को भड़काने का काम किया है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ खाद्य वस्तुएं और महंगी हो जाएंगी बल्कि किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। डीजल मूल्य वृद्धि से सिंचाई महंगी होगी जिससे खेती की लागत बढ़ेगी।
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दासगुप्ता के मुताबिक दो दिवसीय देशव्यापी बंद का बिहार, उड़ीसा और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों ने समर्थन किया है। इसके साथ ही एनडीए के संयोजक शरद यादव और शिवसेना ने भी बंद को जायज बताते हुए सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध करने का भरोसा दिया है।
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उन्होंने बताया कि सीपीआई ने सरकार से मांग की है कि महंगाई को कम करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही कामगारों के लिए दस हजार रुपये न्यूनतम वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पेंशन और भत्ते का प्रावधान किया जाए। उन्होंने सरकार से ट्रेड यूनियंस बनाने पर लगे प्रतिबंध को भी हटाने और लाभ देने वाली सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों के विनिवेश को बंद करने की भी मांग की है।