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सेमीफाइनल में हार के बाद राहुल ने दिया 'नया मंत्र'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 14 Dec 2013 12:33 AM IST
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चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा है कि अब कांग्रेस को राजनीतिक दरवाजे खोल देने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभी तक बंद दरवाजों के अंदर राजनीति की जा रही थी। गिने चुने लोग सरकार की नीतियां और घोषणा पत्र तैयार करते थे। इस प्रणाली को अब खत्म करना होगा।
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र को तैयार करने के लिए बुलाए गए दलित वर्ग के बुद्धिजीवियों की बैठक के सामने अपना एजेंडा रखा।
पढ़ें:- कांग्रेस ने एलजी को भेजी AAP के समर्थन की चिट्ठी
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चुनाव घोषणा पत्र के लिए आम लोगों से राय मांग खुली बहस छेड़ने के राहुल के इस दांव को आम आदमी पार्टी की रणनीति की नकल कहा जा रहा है। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने इसका खंडन करते हुए कहा कि पार्टी ने काफी समय पहले ही इस तरह के अभियान को शुरू कर दिया था।
शुक्रवार को राहुल गांधी ने खुलकर अपनी बात कही। खास बात रही कि बैठक के अंदर हुई विचार विमर्श को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सार्वजनिक भी किया।
पढ़ें:- 'आप' की जीत से चिढ़ सकते हैं ये चार
राहुल ने बैठक में कहा कि हम ऐसी प्रक्रिया बनाएंगे, जिसमें बंद कमरों को खोलना शुरू करना पड़ेगा। राहुल के मुताबिक दो बंद कमरे हैं। एक नीति और दूसरा टिकट बंटवारा।
राहुल ने कहा कि वह पार्टी में सभी पदों को सभी के लिए खोलना चाहते है। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिबद्धता जतानी होगी कि जो हम कागज पर वायदा करेंगे, उसे हमें निभाना होगा।
वहीं केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी दलित, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, युवा, छात्र, औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर घोषणा पत्र तैयार करेगी। आगे भी बैठकें जारी रहेगी।
उन्होंने शुक्रवार की बैठक के बारे में बताया कि कई दलित वर्ग के बुद्धिजीवियों ने अनुसूचित जाति और जनजाति के सब प्लान के लिए केंद्रीय कानून की मांग की गई। साथ ही निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस को घेरा भी गया।
पार्टी ने 2009 में इसे लागू करने का वायदा किया था। देशभर में कांग्रेस के खिलाफ पनप रहे गुस्से को दूर करने के लिए इसे राहुल की कोशिश माना जा रहा है। मगर महंगाई और भ्रष्टाचार के सवाल पर जयराम ने कहा कि महंगाई को कोई सरकार खत्म नहीं कर सकती। पूरी दुनिया में सिर्फ जापान में ही शून्य प्रतिशत महंगाई है।
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उन्होंने कहा कि अभी तक बंद दरवाजों के अंदर राजनीति की जा रही थी। गिने चुने लोग सरकार की नीतियां और घोषणा पत्र तैयार करते थे। इस प्रणाली को अब खत्म करना होगा।
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र को तैयार करने के लिए बुलाए गए दलित वर्ग के बुद्धिजीवियों की बैठक के सामने अपना एजेंडा रखा।
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चुनाव घोषणा पत्र के लिए आम लोगों से राय मांग खुली बहस छेड़ने के राहुल के इस दांव को आम आदमी पार्टी की रणनीति की नकल कहा जा रहा है। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने इसका खंडन करते हुए कहा कि पार्टी ने काफी समय पहले ही इस तरह के अभियान को शुरू कर दिया था।
शुक्रवार को राहुल गांधी ने खुलकर अपनी बात कही। खास बात रही कि बैठक के अंदर हुई विचार विमर्श को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सार्वजनिक भी किया।
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राहुल ने बैठक में कहा कि हम ऐसी प्रक्रिया बनाएंगे, जिसमें बंद कमरों को खोलना शुरू करना पड़ेगा। राहुल के मुताबिक दो बंद कमरे हैं। एक नीति और दूसरा टिकट बंटवारा।
राहुल ने कहा कि वह पार्टी में सभी पदों को सभी के लिए खोलना चाहते है। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिबद्धता जतानी होगी कि जो हम कागज पर वायदा करेंगे, उसे हमें निभाना होगा।
वहीं केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी दलित, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, युवा, छात्र, औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर घोषणा पत्र तैयार करेगी। आगे भी बैठकें जारी रहेगी।
उन्होंने शुक्रवार की बैठक के बारे में बताया कि कई दलित वर्ग के बुद्धिजीवियों ने अनुसूचित जाति और जनजाति के सब प्लान के लिए केंद्रीय कानून की मांग की गई। साथ ही निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस को घेरा भी गया।
पार्टी ने 2009 में इसे लागू करने का वायदा किया था। देशभर में कांग्रेस के खिलाफ पनप रहे गुस्से को दूर करने के लिए इसे राहुल की कोशिश माना जा रहा है। मगर महंगाई और भ्रष्टाचार के सवाल पर जयराम ने कहा कि महंगाई को कोई सरकार खत्म नहीं कर सकती। पूरी दुनिया में सिर्फ जापान में ही शून्य प्रतिशत महंगाई है।